जयपुर में हुए दोहरे हत्याकांड (मां-बेटे) की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका बुधवार को जयपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला लिया है। हत्याकांड में पुलिस के पास मौजूद इलेक्ट्रानिक साक्ष्य बेहद अहम हैं।
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jaipur mother and son murder case
- फोटो : अमर उजाला
काकादेव सर्वोदय नगर निवासी श्वेता तिवारी (32) की जयपुर के प्रताप नगर स्थित यूनिक टॉवर अपार्टमेंट के फ्लैट में सात जनवरी को हत्या कर दी गई थी। अपहृत 21 महीने के बेटे श्रीयम का शव अगले दिन अपार्टमेंट के पीछे पड़ा मिला था।
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श्रीयम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए श्वेता के पति रोहित व उसके दोस्त सौरभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। श्वेता पक्ष के वकील दिनेश शर्मा ने बताया कि 12 फरवरी को हत्यारोपी रोहित के वकील ने हाईकोर्ट में याचिका डालकर सीबीआई जांच की मांग की थी।
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- फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
कहा था कि पुलिस ने हत्याकांड का गलत खुलासा किया है। बुधवार को सुनवाई के बाद एकल पीठ के न्यायाधीश पंकज भंडारी ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट में श्वेता के वकील ने उस मैसेज को भी पेश किया जो रोहित ने हत्याकांड के दो दिन पहले श्वेता के भाई शुभम को भेजा था।
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- फोटो : अमर उजाला
इसमें लिखा था कि मैं बहुत अपसेट हूं, कुछ बड़ा गलत होने वाला है। दिनेश शर्मा के मुताबिक इसको कोर्ट में ने अहम मानते हुए कहा कि इससे हत्यारोपी के इरादे का पता चलता है। इसके अलावा कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्य भी पेश किए।