बिकरू कांड में आरोपी जय व पुलिस के बीच साठगांठ मामले की सुनवाई सोमवार को हाईकोर्ट में होगी। दरअसल, दो साल पहले नजीराबाद में मारपीट व बलवा से संबंधित तीन रिपोर्ट दर्ज हुई थीं। इनमें दो मुकदमों में अधिवक्ता सौरभ भदौरिया और उसके परिवार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई है।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
जबकि गैंगस्टर जय बाजपेई और उसके गैंग के सदस्यों को फाइनल रिपोर्ट लगाकर पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। जय और पुलिस के बीच साठगांठ की बात कहकर सौरभ ने तीनों मुकदमों की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसी मामले की अब सुनवाई होनी है।
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जय बाजपेई
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वर्ष 2018 में नजीराबाद थाने में मारपीट, एससीएसटी एक्ट और बलवा में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक में सौरभ भदौरिया की दुकान में काम करने वाला कर्मचारी विशाल कोरी वादी था तो दूसरे मुकदमे में जय का साथी आयुष सोनकर। विशाल की ओर से कराई गई रिपोर्ट में जय, रजय व शोभित बाजपेई, आयुष सोनकर उर्फ प्रिंस, अमन तिवारी, पवन गुप्ता समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
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जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
आयुष ने सौरभ भदौरिया, भाई सर्देन्दु, पिता अजय प्रताप सिंह, विशाल कोरी व अशोक भदौरिया को आरोपी बनाया। इसी रात नजीराबाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सौरभ, सर्देन्दु, अजय, विशाल व अशोक के खिलाफ थाने में पथराव करने, बलवा आदि की बात कही गई।
विशाल ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई उसमें पुलिस ने जांच में जय और उसके दोनों भाइयों के नाम हटा दिए। इसी बीच विशाल और आयुष के बीच समझौते की बात कहकर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट भेज दी गई। वहीं दो रिपोर्ट में सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। इन्हीं तीनों मुकदमों को लेकर सौरभ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग की।