सुरेंद्र कुमार दास के जहर खाने के मामले की जांच शुक्रवार को एसपी क्राइम राजेश कुमार यादव ने शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र कुमार जब तनाव में होते थे या पत्नी से तनातनी होती थी तब फालोअर और अन्य कर्मचारियों को घर से बाहर कर देते थे। कैंट पुलिस ने फिलहाल उनके आवास में ताला लगा दिया है। चाभी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। अफसरों का कहना है कि जांच या किसी साक्ष्य जुटाने की जरूरत हुई तो एसपी के आवास को खुलवाकर जांच की जाएगी।
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आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास
उन्होंने किन घरेलू कलह के चलते यह कदम उठाया, किसी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए उत्प्रेरित तो नहीं किया, यह जांच की जा रही है। टीम में शामिल एक अफसर ने सुरेंद्र के आवास में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की। कर्मचारियों ने बताया कि जब साहब तनाव में होते थे या मेम साहब से कुछ विवाद होता था तो सबको घर से बाहर कर दिया जाता था। कई बार तो उन लोगों को घंटों तक बाहर बैठना पड़ता था। एसपी क्राइम ने बताया कि मामला काफी संवेदनशील है। जांच शुरू कर दी है।
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मुझे नहीं पता, भाई ने जहर क्यों खाया
सुरेंद्र कुमार दास के भाई नरेंद्र कुमार दास ने कहा कि भाई ने जहर क्यों खाया, उस रात क्या विवाद हुआ इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। भाई से कब से बात नहीं हुई, दोनों के बीच विवाद था, जैसे सवालों पर वह चुप्पी साधे रहे।
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आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास
- फोटो : अमर उजाला
सब कुछ गलत है, समय आने दें, सब सच्चाई बता दूंगा। मेरी बेटी पूरी तरह से टूट गई है। यह बात आईपीएस सुरेंद्र सिंह के ससुर डॉ. रावेंद्र सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कही। उन्होंने पति-पत्नी के बीच विवाद न होने की बात कही। अगर पति पत्नी में विवाद नहीं था तो सुरेंद्र ने जहर क्यों खाया? इस पर डॉ. रावेंद्र चुप्पी साध गए। बोले, कि सही समय पर सबकुछ बता देंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
घर पर सन्नाटा
ईएसआई के सरकारी परिसर में निवास करने वाले डॉ. रावेंद्र सिंह के घर पर भी सन्नाटा है। वहां पहुंचने पर रायबरेली से रिश्तेदारी में आए लड़के ने घर पर किसी के न होेने की जानकारी दी। पूछने पर बोला, मुझे किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए मना किया गया है।
डॉ. रावेंद्र बोले कि बेटी के घर में आराम करने, दोनों के बीच विवाद होने, नॉनवेज खाने जैसी अफवाएं फैलाई जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि बेटी और दामाद दोनों फिल्म देखने गए थे, उसके बाद घर भी आना चाहते थे, लेकिन मैंने ही मना कर दिया। दामाद एसपी है तो कई लोग काम के चक्कर में घर के बाहर आ जाते थे। डॉ. रावेंद्र बोले मेरी बेटी ने उसे ट्रीटमेंट दिया, उल्टियां करवाई। उसके बाद उर्सला पहुंचने पर मुझे जानकारी मिली। वहां से फार्च्यून अस्पताल लेकर आए, जहां से जवाब मिलने पर रीजेंसी में भर्ती कराया था।