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पीएम मोदी ने जिस महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई उसका नजारा अंदर से कुछ ऐसा है, देखे तस्वीरें

Mon, 17 Feb 2020 01:46 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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महाकाल एक्सप्रेस की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी से इंदौर के बीच चलने वाली आईआरसीटीसी की कॉरपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस रविवार को पहली बार कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आई। ट्रेन में ऊं नम: शिवाय मंत्र की धुन बज रही थी। यहां पर पूजा-अर्चना के बाद नारियल फोड़कर इसका स्वागत किया गया। कानपुर नगर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को यहां से रवाना किया। अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ट्रेन से उज्जैन गए हैं। 

 
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कुछ ऐसी है बैठने की व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला
भगवान शिव की नगरी काशी (वाराणसी) से उज्जैन के महाकालेश्वर होकर इंदौर जाने वाली यह ट्रेन पूरी तरह से धार्मिक रंग में सजी नजर आई। वाराणसी से इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। कानपुर सेंट्रल से इस ट्रेन को रवाना करने के दौरान सेंट्रल स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय, राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव भी मौजूद रहे।

 
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कुछ ऐसा है अंदर का नजारा - फोटो : अमर उजाला
समय से पहले सेंट्रल पहुंची महाकाल एक्स.
इस ट्रेन के कानपुर सेंट्रल पर पहुंचने का समय शाम 7:20 बजे था, लेकिन ट्रेन समय से पहले शाम 6:42 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। हालांकि, यह निर्धारित समय शाम 7:25 बजे रवाना हुई। ट्रेन का वाणिज्यिक संचालन 20 फरवरी से होगा। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन कानपुर सेंट्रल से होकर चलेगी। दो दिन वाराणसी से वाया लखनऊ और एक दिन वाया इलाहाबाद होकर कानपुर आएगी और जाएगी। पहले दिन कानपुर से ट्रेन को ड्राइवर बीसी पाल, विकास यादव और गार्ड अनिल कुमार सविता, एएन राय लेकर रवाना हुए। रेलवे के यही चार कर्मचारी थे। बाकी सभी कर्मी आईआरसीटीसी के रहे।

 

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अलग एहसास कराएगी महाकाल एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
सभी कोचों में शिव-शिव , एक मंदिर भी
इस ट्रेन की खासियत यह है कि इसके एसी-3 श्रेणी के सभी कोच में हर समय ऊं नम: शिवाय मंत्र बजता रहता है। इस मंत्र समेत भगवान शिव के अन्य भजनों की धुन भी बजती रहती है।  इसमें बैठने पर एहसास होगा कि यह ट्रेन काशी विश्वनाथ से महाकालेश्वर के दर्शन कराने जा रही है। पहले दिन कोच बी-5 में साइड अपर सीट में भगवान शिव का छोटा सा मंदिर भी बनाया गया और इसमें भजन कीर्तन वाली टोली भी शामिल रही। इसके अलावा इसमें यात्रियों का स्वागत करने के लिए भगवा-पीले वस्त्र धारण किए पुरुष ट्रेन होस्ट मौजूद रहे। वहीं, तेजस एक्सप्रेस में महिला ट्रेन होस्टेस हैं।


 
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सुरक्षा के भी हैं पूरे इंतजाम - फोटो : अमर उजाला
सुविधा जनक कोच, सुरक्षा का खास ध्यान
ट्रेन के सभी एसी-थ्री कोच खूबसूरत होने के साथ ही सुविधाजनक हैं। इसमें सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे हैं।  निगरानी के लिए कोच अटेंडेंट की सीट के ऊपर एलसीडी डिस्प्ले लगा है। इसके माध्यम से अटेंडेंट सभी गतिविधियों की निगरानी करेेगा।  दिक्कत होने पर बिना बुलाए फौरन पहुंच भी जाएगा। हालांकि, ट्रेन एस्कॉर्ट में आईआरसीटीसी का अपना एस्कॉर्ट है।
 
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ऐसे होगा स्वागत - फोटो : अमर उजाला
इसमें जीआरपी-आरपीएफ नहीं चलेगी। टीटीई भी तेजस की तरह आईआरसीटीसी के होंगे। साइड लोवर सीट को मोड़ने के बजाय किनारे स्लाइडिंग से नीचे किया जा सकता है। अगले स्टेशन के बारे में बताने के लिए गेट  के ऊपर डिस्प्ले लगे है। अन्य मामलों में इसके कोच किसी आम एक्सप्रेस ट्रेन के एसी-3 कोच की तरह हैं। तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस ज्यादा हाईटेक हैं। इसमें ऑटोमैटिक खुलने, बंद होने वाले दरवाजे नहीं हैं और न ही ऑटोमैटिक खुलने-बंद होने वाले डस्टबिन हैं।
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छोटा शिवालय - फोटो : ANI

गाड़ी के बी-5 कोच की 64 नंबर सीट को इस तरह से सजाया गया है कि वह महादेव का छोटा नंबर लग रही है। 

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