उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना को लेकर लोगों को भड़काने वाले को ग्वालटोली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। भड़काऊ भाषण देने वाले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को दबोचा है। आरोपी कोरोना महामारी को साजिश बताकर धर्म विशेष के लोगों को भड़का रहा था।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो तो जागी पुलिस
- फोटो : amar ujala
आरोपी पर देशद्रोह समेत अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की बजरिया बवाल में भी भूमिका तलाश रही है। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दो दिन पहले व्हाट्सएप पर वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक युवक कह रहा था कि पुलिस प्रशासन एक समुदाय के लिए हमदर्दी दिखा रहा है, जो पूरी तरह दिखावा है।
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देशद्रोह का मुकदमा हुआ दर्ज
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सरकार की साजिश है कि विशेष समुदाय पर कोरोना छोड़ दिया जाए। इसलिए कोई कहीं नहीं निकलेगा, त्योहार नहीं मनाएंगे। एसपी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया और साइबर सेल को जांच सौंपी। पता चला कि ग्वालटोली थाना क्षेत्र के मकबरा निवासी अब्दुल रज्जाक वीडियो में भाषण देता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ देशद्रोह, लॉकडाउन उल्लंघन, महामारी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनयम आदि धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। ग्वालटोली इंस्पेक्टर विजय शंकर पांडेय ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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कुछ लोगों के भड़काने के बाद अचानक आई सैकड़ों की भीड़ ने पुलिस को दौड़ाया था
- फोटो : amar ujala
भड़काया या अफवाह फैलाई तो देशद्रोह लगेगा
डीआईजी अनंत देव ने बताया कि सोशल मीडिया पर पुलिस की टीमें निगरानी कर रही हैं। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य किसी भी सोशल प्लेटफार्म पर अगर कोई भड़काऊ वीडियो, फोटो या पोस्ट करता है तो उस पर देशद्रोह की कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने सभी से अपील की है कि महामारी को लेकर जागरूक रहें और घर पर ही रहें। पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कर्मियों का साथ दें। सरकार के निर्देशों का पालन करें।
गलियों में छुपी भीड़ ने किया था पुलिस पर हमला
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378 पोस्ट डिलीट करवाए
सोशल मीडिया की टीमों ने शहर में अब तक फेसबुक पर अफवाह और भड़काऊ करीब 378 पोस्ट डिलीट करवाई हैं। इसमें वीडियो और फोटो भी हैं। इन सभी का चेतावनी भी दी हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप पर इस तरह का मैसेज चलाने वालों को भी हिदायत दी गई है।