महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत का आधा-अधूरा खुलासा पुलिस ने शुक्रवार की रात किया। पुलिस का खुलासा आत्महत्या की तरफ इशारा कर रहा है, लेकिन इसको स्पष्ट नहीं किया। ऐसे में हत्या और खुदकुशी के बीच जांच अटक गई है। खुलासे पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस की कहानी में झोल ही झोल ही हैं।
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि अभी तक की जांच में स्पष्ट हुआ है कि गोली कार के भीतर ही चली। ड्राइविंग सीट में गोली धंसी हुई मिली। जिसका मिलान फोरेंसिक जांच में इंद्रकांत की लाइसेंसी पिस्टल से हुआ। गोली गले से सटाकर सामने से मारी गई।
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वायरल हुआ था इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट
- फोटो : amar ujala
पुलिस के ये तथ्य खुदकुशी की तरफ इशारा कर रहे है, लेकिन एडीजी ने स्पष्ट नहीं किया कि इंद्रकांत को गोली मारी गई या खुद उन्होंने गोली मारकर खुदकुशी की। इस वजह से पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस ने 17 दिन बाद मौत का खुलासा का दावा कर प्रेसवार्ता तो की लेकिन हत्याकांड का पर्दाफाश नहीं हो सका। सवाल जस के तस बने हैं।
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इंद्रकांत त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
पिस्टल घर ले जाने की बात भी समझ से परे
पुलिस के मुताबिक इंद्रकांत की लाइसेंसी पिस्टल से गोली चली उनकी गर्दन पर लगी। अगर ऐसा है तो पिस्टल कार से ही बरामद होनी चाहिए थी। ये सवाल शुरू से ही बना हुआ था। एसआईटी ने बाद में इंद्रकांत के घर से पिस्टल को बरामद किया। एडीजी का दावा है कि वारदात के बाद वहां पहुंचे इंद्रकांत के पार्टनर बल्लू के भाई ने पिस्टल उठाकर उनके घर पर दे दी थी।
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छावनी बना महोबा
- फोटो : amar ujala
ये बात गले नहीं उतर रही है। सवाल है कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया। पुलिस का कहना है कि बल्लू के भाई की जांच में कोई भूमिका अभी तक सामने नहीं आई है। खुदकुशी न लगे शायद इसलिए पिस्टल वहां से उठा ली थी। ये बड़ा झोल है।
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महोबा में पीएसी तैनात
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फोरेंसिक जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
इंद्रकांत की मौत कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान 13 सितंबर को हुई थी। पैनल से उसी रात कानपुर जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम हुआ था। तब कानपुर पुलिस के अफसरों ने बताया कि इंद्रकांत के गले पर पीछे से असलहा सटाकर गोली मारी गई है।
पर, फोरेंसिक रिपोर्ट में गोली गले पर आगे से मारे जाने की पुष्टि हुई है। अब सवाल है कि एक ही घटना में दो अलग-अलग रिपोर्ट कैसे आ गईं। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि एडीजी प्रेम प्रकाश का कहना है कि वैज्ञानिक परीक्षण में गोली सामने से लगने की पुष्टि है।