महोबा इंद्रकांत हत्याकांड में जिस तरह से पुलिस ने साक्ष्यों को सामने रखा है, उससे इंद्रकांत के खुदकुशी करने की ओर इशारा हो रहा है। ऐसे में कहानी कुछ ये समझ आ रही है कि वीडियो वायरल करने के बाद एसपी मणिलाल इंद्रकांत के पीछे पड़ गया था। जिससे इंद्रकांत खौफ में थे। उनको बचने का कोई रास्ता नहीं सूझा इसलिए खुद को गोली मार ली।
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि ये जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। मगर पुलिस की अब तक की थ्योरी कुछ इसी तरह की है। वारदात के बाद मणिलाल पाटीदार और थानेदार समेत चार आरोपियों पर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। 13 सितंबर को इंद्रकांत की मौत होने के बाद हत्या के प्रयास की धारा हत्या में बदल गई थी।
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वायरल हो रहा था इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट
- फोटो : amar ujala
वहीं अब जब पुलिस की थ्यौरी खुदकुशी की तरफ इशारा कर रही है तो हत्या की धारा आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा(306) में तरमीम हो सकती है। ये तभी होगा जब पुलिस स्पष्ट रूप से वारदात में खुदकुशी की मुहर लगा देगी। अगर ऐसा होता तो साफ हो जाएगा कि मणिलाल पाटीदार इंद्रकांत को उगाही के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। धमकी दे रहे थे। जिससे त्रस्त होकर इंद्रकांत ने खुदकुशी। फिलहाल तफ्तशी हत्या के बिंदु पर ही चल रही है। एडीजी का कहना है कि आगे जांच में जो तथ्य आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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इंद्रकांत हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
बदमाशों से तलाश करवा रहा था एसपी
सात सितंबर को जब इंद्रकांत ने वीडियो वायरल किया तो एसपी मणिलाल पाटीदार आग बबूला हो गया। उसने शहर पुलिस के सभी अधिकारियों से तत्काल इंद्रकांत को पकड़ लाने के निर्देश दिए। इसमें क्राइम ब्रांच को मुख्य रूप से काम सौंपा गया।
क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मी वीरेंद्र ने आशु भदौरिया को व्हाट्सएप पर कॉल कर इंद्रकांत की तलाश करने को कहा। तभी आशु ने इंद्रकांत के साले को कॉल की थी। जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी। सूत्रों के मुताबिक पूरी महोबा पुलिस इंद्रकांत की तलाश कर रही है। इसी डर से इंद्रकांत इधर-उधर भाग रहे थे।