यूपी में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस ने कानपुर की गोविंद नगर विधानसभा सीट से युवा चेहरे पर दांव लगाते हुए करिश्मा ठाकुर को प्रत्याशी घोषित किया। जिसके बाद से करिश्मा लगातार सुर्खियों में छाई हुईं हैं। सीएम योगी की कानपुर यात्रा के दौरान करिश्मा ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ जमकर हंगामा किया था।
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कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर सड़कों के गड्ढे भरती हुईं
- फोटो : अमर उजाला
करिश्मा वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की राष्ट्रीय महासचिव हैं। शुक्रवार को कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर ने तलाब बनी कानपुर की सड़कों को मिट्टी से भरने का प्रयास किया। इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी कार्यकर्ता नजर आए। करिश्मा ने खुद ही फावड़ा चलाकर मिट्टी भरी और फिर खुद ही सड़कों के गड्ढे भरने की कोशिश करती हुईं नजर आईं।
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करिश्मा ठाकुर उपचुनाव कांग्रेस प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
आपको बताते चलें कि पार्टी में पुराने नेताओं के इंकार पर उन्हें टिकट मिलना तय माना जा रहा था। करिश्मा को जन्म से ही राजनीतिक माहौल मिला। उनके पिता राजेश सिंह क्राइस्ट चर्च डिग्री कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सरसौल विधानसभा और बसपा के टिकट पर कन्नौज सीट से लोकसभा का भी चुनाव लड़ा। करिश्मा ने 2013 में एनएसयूआई के समर्थन से दिल्ली छात्रसंघ का चुनाव लड़ा।
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कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
एनएसयूआई की इकलौती विजेता प्रत्याशी के रूप में वह महासचिव चुनी गईं। वह छह साल तक दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में सक्रिय रहीं। इस दौरान उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। छात्र राजनीति के बाद मुख्यधारा की राजनीति में यह उनका पहला कदम होगा। टिकट मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए करिश्मा ने कहा था कि पार्टी और प्रियंका गांधी के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश होगी। पार्टी ने युवा और महिला को टिकट दिया है। वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण सबसे ज्यादा युवा और महिलाएं ही परेशान हैं। यह चुनाव न तो सरकार बनाने के लिए है न गिराने के लिए।
कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
इस चुनाव में जनता अपना विधायक चुनेगी और वह अपने बीच के व्यक्ति को प्राथमिकता देगी। जनता सत्यदेव पचौरी जैसे व्यक्ति को नहीं चुनेंगी जो अपने पूरे कार्यकाल में क्षेत्रवासियों के बीच ही नहीं आया। मुझे अपनी जीत पर पूरा विश्वास है। शनिवार को प्रियंका गांधी ने दिल्ली में बैठक बुलाई है। उसमें आगे की रणनीति तय होगी।