जालौन जिले के उरई में प्रेम विवाह के विरोध में महिला सिपाही के मायकेवालों ने उसकी आंखों के सामने पति की धारदार हथियार से हत्या कर दी। महिला सिपाही रिंकी और उसके पति मनीष का साथ कोई दो तीन साल का नहीं बल्कि उनके दिलों के बीच बचपन से ही एक दूसरे के लिए प्यार था। फतेहपुर के एक ही गांव गौसपुर में करीब दो सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले रिंकी और मनीष बचपन से ही साथ प्राइमरी स्कूल में पढ़े और फिर एक ही स्कूल हाईस्कूल और इंटर किया।
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महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या
- फोटो : अमर उजाला
उनके बचपन का प्यार किशोर अवस्था से लेकर शादी के अंजाम तक तो पहुंच गया लेकिन परिवार वालों की मर्जी बगैर जाकर दोनों का शादी करना ही उनकी बर्बादी का कारण बन गया। दोनों ने घर से अलग उरई में ही सिर्फ दो रिश्तेदारों की मौजूदगी में मंदिर में शादी की थी।
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पति की मौत के बाद बदहवास पत्नी
- फोटो : amar ujala
दो साल पहले ही रिंकी की नौकरी लगी थी और मनीष वकालत की पढ़ाई कर रहा था। दोनों ने कभी सोचा भी न था कि उनका फैसला उनके प्यार को खून से सराबोर कर देगा। मनीष की मौत से उरई के शिवपुरी मोहल्ले में ही नहीं बल्कि उसके गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार के 15-16 घाव मिले हैं।
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महिला सिपाही की गोद में रिंकी का बच्चा शिवा
- फोटो : अमर उजाला
दौलत ने उजाड़ दी दो दिलों की दुनिया
मनीष के परिवार के करीबियों का कहना है कि रिंकी दो भाइयों के बीच अकेली कमाने वाली बहन थी। जबकि मनीष कुछ नहीं करता था। इसलिए भी घरवाले मनीष के सजातीय होने के बाद भी उसकी शादी के खिलाफ थे। शादी के बाद रिंकी मायके तो नहीं जाती थी पर अपने वेतन से चार-पांच हजार रुपये घर जरूर भेजती थी। बीते दिनों मनीष अपने बेटे शिवा के मुंडन संस्कार की तैयारी में था, इसलिए रिंकी ने भी रुपये भेजने बंद कर दिए थे। जिससे शादी की नफरत और भी गहरी होती चली गई थी।
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बोर्ड फुंकने के बाद ही मारना ठान लिया था
आरोपी भाई अंकित से पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कुछ दिन पहले ही जब वह बहन के घर आया था तो उससे बिजली का बोर्ड फुंक गया था। इस पर मनीष ने उसे काफी भला बुरा कहा था। उसी दिन ठान लिया था कि चाहे जो हो जाए इस अपमान का बदला वह जरूर लेकर रहेगा।
सिरों पर सवार खून हाथ और चेहरों पर दिखा
पिता प्रेम सिंह, भाई अंकित और मामा देशराज के सिरों पर मनीष को लेकर सवार खून उसकी हत्या के बाद तीनों के हाथ और चेहरों पर साफ नजर आ रहा था। प्रेम सिंह का चेहरा मनीष की खून की छीटों से लाल था, जबकि अंकित और देशराज के हाथ उसके खून से लाल थे, जिन्हें देख पुलिस भी हैरत में पड़ गई थी।