फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें, हिंदू धर्म शास्त्रों में क्या है राम नवमी का महत्व

Wed, 05 Apr 2017 04:44 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
राम नवमी
राम नवमी भारत में मनाया जाने वाला बहुत ही प्राचीन त्योहार है। यह केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीयों द्वारा भी मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। रामनवमी के साथ ही जुड़ा है मां दुर्गा के नवरात्रों का समापन। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने धर्मयुद्ध में विजय पाने के लिए देवी दुर्गा की पूजा की। देवी दुर्गा से उन्हें असीम शक्ति प्राप्त हुई। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार राम नवमी के स्वयं भगवान विष्णु ने भगवान राम के रुप में अवतार लिया था। यही वजह है कि पूरे देश भर में रामनवमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
राम नवमी
महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन बीवीयां थी। कौशल्या, सुमित्रा और कैकयी। शादी को काफी समय बीत जाने के बाद भी राजा दशरथ के घर किसी बालक की किलकारी नहीं गूंजी थी। इसके उपचार के लिए ऋषि वशिष्ट ने राजा दशरथ से पुत्र प्राप्ति के लिए कमेश्टी यज्ञ कराने के लिए कहा। जिसे सुनकर दशरथ खुश हो गए और उन्होंने महर्षि रुशया शरुंगा से यज्ञ करने की विन्नती की। महर्षी ने दशरथ की विन्नती स्वीकार कर ली। यज्ञ के दौरान महर्षी ने तीनों रानियों को प्रसाद के रूप में खाने के लिए खीर दी। इसके कुछ दिनों बाद ही तीनों रानियां गर्भवती हो गईं। नौ माह बाद चैत्र मास में राजा दशरथ की बड़ी रानी कौशल्या ने राम को जन्म दिया, कैकयी ने भरत को और सुमित्रा ने दो जुड़वा बच्चे लक्ष्मण और शत्रुघन को जन्म दिया। भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में धरती पर जन्म इसलिए लिया ताकि वे दुष्ट प्राणियों का नरसंहार कर सके।
विज्ञापन

3 of 5
राम नवमी
यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। हिंदु धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था इसलिए इस शुभ तिथि को भक्त लोग रामनवमी के रुप में मनाते हैं एवं पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य के भागीदार होते हैं। रामनवमी के त्यौहार का महत्व हिंदु धर्म सभ्यता में महत्वपूर्ण रहा है। इस पर्व के साथ ही माँ दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी होता है। हिन्दू धर्म में रामनवमी के दिन पूजा की जाती है। रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और लेपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं। पूजा के बाद आ‍रती की जाती है।

4 of 5
राम नवमी
आध्यात्मिक महत्व
ऐसा माना जाता है कि किसी भी देवता व अवतारों की जयंती पर उनका तत्त्व पृथ्वी पर अधिक मात्रा में सक्रिय होता है। श्रीरामनवमी को श्रीरामतत्त्व अन्य दिनों की अपेक्षा १००० गुना कार्यरत होता है। श्रीराम नवमी पर `श्रीराम जय राम जय जय राम' का नामजप व श्रीरामकी भावपूर्ण उपासना से श्रीरामतत्त्व का अधिकाधिक लाभ प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
राम नवमी
अयोध्या की रामनवमी
अयोध्या में रामनवमी बहुत धूमधाम से मनायी जाती है। इस दिन मेला लगता है। देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु इस मेले में पहुंचते हैं। यह त्रेता-युगीन सूर्यवंशीय नरेशों की राजधानी रही। पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्त्व रखती है। रामनवमी के दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या की सरयू नदी के तट पर सुबह से ही स्नान कर मंदिरों में दर्शन तथा पूजा करते हैं। इस दिन जगह-जगह पर संतों के प्रवचन, भजन, कीर्तन चलते रहते हैं। अयोध्या के प्रसिद्ध कौशल्या भवन मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं। अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय एवं ऐतिहासिक स्थलों में श्रीराम जन्मभूमि के अलावा कौशल्या भवन, कनक भवन, कैकेयी भवन, कोप भवन तथा श्रीराम के राज्याभिषेक का स्थान रत्न सिंहासन दर्शनीय हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें