फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश के राज में ऐसे फला-फूला मौरंग 'सिंडिकेट का खेल', पढ़िए तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला के कारनामे

Sat, 05 Jan 2019 07:22 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- सपा एमएलसी, बसपा नेता के आवासों पर सीबीआई ने मारा छापा        
- मौरंग का सिंडीकेट चलाने के मामले में की गई कार्रवाई  
विज्ञापन
1 of 7
डेमो
अवैध खनन को लेकर दो साल से चल रही सीबीआई जांच शनिवार को फिर तेज हो गई। सीबीआई टीम ने हमीरपुर में मौरंग खनन का सिंडीकेट चलाने वाले सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, बसपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे संजय दीक्षित व बबलू मिश्रा के आवासों पर एक साथ छापेमारी की। करीब नौ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने तीनों आवासों में सघन तलाशी ली। लाकरों की चाभी न होने पर बाहर से मिस्त्री बुलाकर लाकर व आलमारी तुड़वाई गई। इसके बाद टीम ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिए। कार्रवाई से मौरंग व्यवसायियों में हड़कंप मचा रहा।  
विज्ञापन

2 of 7
डेमो
सीबीआई की 16 सदस्यीय टीम शनिवार सुबह करीब सात बजे तीन वाहनों से मुख्यालय पहुंची। जहां दो वाहनों में सवार टीम के करीब 12 अधिकारी विवेक नगर स्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा नेता संजय दीक्षित पुत्र सत्यदेव दीक्षित के आवास पहुंचे। यहां टीम ने तीन मंजिला भवन में तलाशी अभियान चलाया। पहले खंड की तलाशी पूरी होने के बाद टीम दूसरे व तीसरे खंड पर पहुंची। यहां लाकरों व आलमारी की चाभियां मांगने पर गृहस्वामी ने कहा बहू बाहर गई है। चाभी उसी के पास है। जिस पर टीम ने लाकर व आलमारी को खोलने के लिए बाहर से मिस्त्री को बुलाया। मगर वह नहीं खोल सका। तब कुछ देर बाद लोहार को बुलाया गया। जिसने छेनी हथौड़ा से लाकर तोड़ा।
विज्ञापन

3 of 7
डेमो
टीम ने दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिए। यहां करीब सवा पांच घंटे तक चली कार्रवाई के बाद दोपहर सवा बारह बजे सीबीआई अधिकारी आवास से बाहर निकले। जहां मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने का प्रयास किया, मगर उन्होंने किसी बात का जवाब नहीं दिया। इसके बाद टीम के अधिकारी दोनों वाहनों में बैठ सीधे रानी लक्ष्मीबाई तिराहे के पास पुराने एआरटीओ कार्यालय के पास स्थित सपा से एमएलसी रमेश मिश्रा व इन्हीं के सामने बबलू मिश्रा के आवासों पर छापामार कार्रवाई की। यहां भी दोनों आवासों पर करीब चार घंटे तक कार्रवाई चली। शाम करीब चार बजे टीम के अधिकारियों ने एमएलसी के आवास परिसर में बैठकर भोजन किया और वापस चले गए। 

4 of 7
डेमो
 सिंडीकेट के नाम पर हुई अंधाधुंध लूट        
हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन का कारोबार 10 सालों में जमकर हुआ है। इस बीच बसपा और सपा सरकार से जुड़े ज्यादातर नेताओं का नाम कहीं न कहीं मौरंग के धंधे से जुड़ा सामने आया है। अधिकारियों की शह पर खनन का काम बेहिसाब चला। सबसे ज्यादा नुकसान निर्धारित रायल्टी से दोगुनी मौरंग ट्रकों पर लोड कर मुनाफा कमाया गया। बसपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल सपा सरकार तक जारी रहा है। इस धंधे में शामिल मौरंग माफिया अरब पति बन बैठे। 
विज्ञापन

5 of 7
डेमो
सीबीआई बेतवा नदी पर हुए अवैध खनन के साथ किए गए मौरंग भंडारन की जांच भी 2017 में कर चुकी है। साथ ही मोराकांदर की खदानों की पड़ताल कर वीडियोग्राफी भी करवाई थी। जिले में मौरंग का खनन बेतवा, केन व धसान नदियों किया गया है। इन नदियों पर मौरंग खनन होने से नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। 31 मई 2012 के बाद 49 खनन पट्टों की स्वीकृति मनमानी तरीके से दी गई। तब तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला ने दो जुलाई 2012 को जिले का चार्ज लिया और करीब ढाई साल तक रहीं। उसी दौरान उन्होंने सर्वाधिक पट्टे जारी किए। हालांकि कुछ अन्य जिलाधिकारियों ने नियम विरुद्ध खनन पट्टे किए। तब सपा एमएलसी रमेशचंद्र मिश्रा के  परिवार के नाम सर्वाधिक पट्टे हुए।
विज्ञापन

6 of 7
डेमो
इसमें मालती मिश्रा के तीन पट्टे इछौरा जिटकरी, सुरेश कुमार मिश्रा के पांच पट्टे चंदवारी घुरौली, इछौरा जिटकरी, इछौरा, जिगनी खदानों पर किए गए। दिनेश कुमार के तीन पट्टे बधौली, चंदवारी घुरौली व टोलाखंगारन, रमेश कुमार का पट्टा चंदवारी, दूसरा जिटकरी दरिया, प्रमोद कुमार का पट्टा भुलसी, विनोद कुमार का पट्टा इस्लामपुर, अशोक कुमार का पट्टा बिरहट, हरिशचंद्र चंदवारी-घुरौली, मदनपाल सिंह का पट्टा चिकासी, दूसरा इछौरा जिटकरी, रबियाबेगम का पट्टा पत्योरा, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी का रिरूआ-बसरिया खनन पट्टा हुआ। कौशल्या चौबे का पट्टा चिकासी, हरिशचंद्र का पट्टा जिगनी, हरिहर मिनरल्स के पट्टे चिकासी, भेड़ी खरका में तीन व रिरूआ बसरिया के पट्टे निरस्त हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
डेमो
वहीं हर्षवर्धन शुक्ला का कंडौर का पट्टा, बसपा की जिला पंचायत सदस्य माया दीक्षित का इछौरा जिटकरी, राकेश कुमार दीक्षित का इटौरा जिटकरी में दो पट्टे, प्रेमनाथ शर्मा के टीकापुर व रिरुआ बसरिया, मुन्नीलाल अग्रवाल का नैठी, राकेश अग्रवाल का सहुरापुर, बृजमोहन सिंह का बेरी, राजेश कुमार साहू का कंडौर व गिमुंहा के पट्टे, देवनारायण दीक्षित के नैठी के दो पट्टे, शिवराम के टीकापुर, गोपीकृष्ण ओमर का इछौरा जिटकरी पट्टा, मोतीबाई का बेरी पट्टा, नीरजा सिंह का बक्छा खादर का पट्टा, जितेंद्र मोहन धावन का  चंदवारी घुरौली में दो पट्टे व सुनील कुमार का बक्छा खादर में मौरंग पट्टे मनमाने तरीके से किए गए। अवैधानिक तरीके से किए गए खनन पट्टों को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला जांच के घेरे में हैं। सीबीआई द्वारा गहराई से जांच शुरू करने से मौरंग माफियाओं में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें