कानपुर स्थित आईआईटी के हॉस्टल में पीएचडी (भू-गर्भ विज्ञान) तृतीय वर्ष की छात्रा प्रगति (27) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पीएचडी करने के साथ-साथ प्रगति अपने परिवार की भी जिम्मेदारी निभा रही थी। परिवार के जिस किसी भी सदस्य पर जब भी कोई मुश्किल आती थी तो वह अपने रिसर्च स्कॉलर से मिलने वाले पैसों से उनकी मदद किया करती थी।
हंसमुख इतनी थी कि सभी से हंसते-मुस्कुराते हुए बात करती और बात करने वाले को हंसाती थी। हर रोज सुबह अपनी दो साल की भतीजी दिशा व घरवालों से वीडियो कॉल से बातें करना उसकी दिनचर्या में शामिल था। ऐसी प्रगति ने आखिर क्यों जान देने का फैसला किया, यह अभी तक पहेली ही बना हुआ है।
विज्ञापन
2 of 7
IIT Student Suicide
- फोटो : अमर उजाला
पिता गोविंद ने बताया कि प्रगति ने न सिर्फ अपने बड़े भाई सत्यम को स्टेशनरी का काम शुरू करने में मदद की बल्कि घर बनवाने के लिए अपने जोड़े हुए रुपये दिए थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सत्यम ने भरे हुए गले से बताया कि सभी की परेशानियों को समझकर उन्हें दूर करने वाली प्रगति को यदि कोई परेशानी थी तो वह परिवार के सदस्यों को बता सकती थी, कम से कम इस तरह तो छोड़कर न जाती।
विज्ञापन
3 of 7
IIT Student Suicide
- फोटो : अमर उजाला
कैंपस में बेटी के साथ क्या हुआ, प्रशासन से पूछेंगे जरूर
पिता गोविंद तो खुद को संभाल ही नहीं पा रहे थे। नाते-रिश्तेदारों के कंधों के सहारे बैठे गोविंद का कहना था कि वह आईआईटी से प्रशासन से पूछेंगे जरूर बेटी के साथ आखिर कैंपस में ऐसा क्या हुआ जो उसने जान देने का फैसला किया। स्वरूप नगर निवासी प्रगति के ताऊ गोपाल दास ने बताया कि प्रगति मजबूत इरादों वाली थी, फिर उसका आत्महत्या करना समझ से परे हैं। वजह जानने के लिए वह भी आईआईटी जाएंगे।
4 of 7
IIT Student Suicide
- फोटो : अमर उजाला
कैंपस में ही मनाया था लाडली दिशा का जन्मदिन
बड़े भाई सत्यम की दो साल की बेटी दिशा को प्रगति बेहद प्यार करती थी। बीती सात सितंबर को आईआईटी कैंपस में ही प्रगति ने दिशा का जन्मदिन पूरे परिवार के साथ मनाया था। सत्यम के मुताबिक वीडियोकाल में सबसे पहले प्रगति दिशा को ही दुलारते हुए उससे बात किया करती थी। बुधवार सुबह भी प्रगति ने दिशा व परिवार के लोगों के साथ बात की थी। गुरुवार को जरूर फोन नहीं आया, लेकिन क्या पता था कि दोपहर तक बहन की मौत की खबर ही आ जाएगी।
विज्ञापन
5 of 7
IIT Student Suicide
- फोटो : अमर उजाला
मौत से पहले दोस्तों को याद कर लिखा, आपने बहुत सहयोग किया...थैंक्स
मौत से पहले प्रगति के दिलो दिमाग में उसके साथी ही थे। पुलिस को उसके कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें उसने चंद लाइनें अपने दोस्तों के लिए ही लिखी है। पुलिस के मुताबिक, नोट में प्रगति ने अपने दोस्तों के लिए लिखा है कि आप लोगों ने मुझे बहुत कोऑपरेट किया, इसके लिए थैक्स...। इन शब्दों के आधार पर पुलिस अब प्रगति के साथियों का पता कर उनसे भी पूछताछ करेगी, ताकि आत्महत्या की कोई वजह स्पष्ट हो सके। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच भी कराई जाएगी।
विज्ञापन
6 of 7
IIT Student Suicide
- फोटो : अमर उजाला
मिला रस्सी का पैकेट और चार पेज का सुसाइड नोट
पुलिस सूत्रों की माने तो प्रगति ने जान देने का फैसला फंदा लगाने से कुछ घंटे पहले ही कर लिया था। इसके लिए उसने ऑनलाइन रस्सी हॉस्टल में मंगवाई थी। कमरे की जांच के दौरान एक कोने में ऑनलाइन डिलीवरी का पैकेट पड़ा मिला। इसी पैकेट में रस्सी पैक होकर आई थी। पुलिस अब पता कर रही है कि प्रगति ने मौत से कितने घंटे पहले रस्सी का आर्डर किया था। शव के पैरों के पास स्टूल रखा था और दीवार किनारे फोल्डिंग पलंग खड़ा था, उसकी प्लाई निकली हुई थी। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो कमरे में चार पेज का सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने प्रगति का मोबाइल भी कब्जे में लिया है।
शो रूम में भी पिता से मिलने आई थी प्रगति
आईआईटी कानपुर की पीएचडी छात्रा प्रगति के पिता गोविंद बिरहाना रोड स्थित लाला पुरुषोत्तमदास ज्वैलर्स के शोरूम में सात साल से मैनेजर पद पर काम कर रहे हैं। शो रूम के निदेशक विवेक गुप्ता ने बताया कि सप्ताह भर पहले ही प्रगति शोरूम में अपने पिता से मिलने भी आई थी। उस वक्त भी वह बेहद खुश थी। उसे फेलोशिप भी मिली है। अपने पिता और मम्मी का बेहद ख्याल भी रखती थी।