आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर तैयार किया है जो कोरोना वायरस सहित अन्य कीटाणुओं को भी जला देगा। दो चरणों में काम करने वाले इस रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर यानि त्वरित कीटाणुशोधन प्रक्रिया में पहले पूरा शरीर सैनिटाइज होगा फिर थर्मल शॉक चैंबर के अधिक तापमान में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा।
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ऑटोमाइजेशन और थर्मल शॉक चैंबर के माध्यम से सैनिटाइज होगा शरीर
- फोटो : amar ujala
इस चैंबर का इस्तेमाल मॉल, अस्पताल या किसी भी सार्वजनिक जगह में किया जा सकता है। कोरोना से जंग में आईआईटी कानपुर नित नए शोध कर रहा है। जहां एक ओर 100 रुपये में सस्ती पीपीई तैयार की है तो दूसरी ओर पोर्टेबल वेंटिलेटर का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है।
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आईआईटी ने दिया डेमो
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इसके अलावा स्पेशल कोटिंग, एन 95 की खूबियों वाले सस्ते मास्क भी बना लिए हैं। आईआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि यह दो चरणों में काम करेगा। पहले चरण में ऑटोमाइजेशन के तहत व्यक्ति को स्प्रे चैंबर में जाना होता है।
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अधिक तापमान में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा
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डिसइंफेक्शन को पूरे शरीर में स्प्रे किया जाता है, जिससे सारे कीटाणु मर जाते हैं। इसके साथ ही हीट चैंबर या थर्मल शॉक चैंबर भी लगाया गया है। इस चैंबर का तापमान करीब 65 डिग्री होता है या बाहर के तापमान से 30 डिग्री अधिक होता है। स्प्रे चैंबर के बाद इस चैंबर में आते ही कीटाणु लगभग खत्म हो जाते हैं।
पूरी प्रक्रिया करीब दो मिनट की होती है और हीट चैंबर में व्यक्ति को करीब 30 सेकेंड का समय देना होता है। प्रो. मणींद्र ने कहा कि इन दोनों का कांबिनेशन यूनीक है, इसको बनाने में करीब 50 हजार रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल पब्लिक प्लेस में बेहतर हो सकता है।