कानपुर में केशवपुरम स्थित नागेश्वर अपार्टमेंट में सोमवार देर रात पत्नी नमरा की हत्या कर आत्महत्या करने वाले कोचिंग संचालक मोहम्मद शहवान के बारे में नया खुलासा हुआ है। मैथ के कोचिंग टीचर शहवान ने नवविवाहित पत्नी की हत्या करने के बाद खुद पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-100) में फोन कर कहा था कि ‘मैंने पत्नी को मार दिया है...उसकी लाश 612 नंबर में पड़ी है’।
विज्ञापन
2 of 6
नमरा और शहवान हत्याकांड (फाइल फोटो)
कंट्रोल रूम से सूचना के बाद कल्याणपुर पुलिस रवाना तो हुई लेकिन अधूरा पता होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने पलट कर फोन किया लेकिन शहवान ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद फोन बंद हो गया तो पुलिस को लगा कि कोई फर्जी कॉल है।
विज्ञापन
3 of 6
नमरा और शहवान हत्याकांड (फाइल फोटो)
शहवान सोमवार रात 8:45 बजे अपार्टमेंट पहुंचा था। इसके बाद रात 12:10 पर अपनी स्कोडा कार से निकल गया था। इन्हीं तीन घंटा 25 मिनट के बीच शहवान ने नमरा को मारा, खून के दाग धोए, कपड़े बदले और डायरी पर पूरा नोट लिखा। इसके बाद वहां से निकल गया। कल्याणपुर सीओ अजय कुमार के मुताबिक मंगलवार तड़के 3:06 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में शहवान ने फोन किया था। पते के नाम पर उसने केवल 612 नंबर का जिक्र किया था। ऐसे में पुलिस कल्याणपुर क्षेत्र में इधर-उधर भटकती रही और फिर लौट गई।
पुलिस के मुताबिक शहवान ने जब कंट्रोल रूम में फोन किया तो बहुत घबराया हुआ लग रहा था। उस दौरान भी फोन पर उसने कहा था कि वह पत्नी से बहुत परेशान हो चुका था, हर दिन का बवाल बर्दाश्त नहीं हो रहा था। इसलिए उससे यह हो गया। यह भी कहा कि अब वह भी जीना नहीं चाहता। उसके आखिरी अल्फाज थे... मैं भी मर जाऊंगा। इसके बाद फोन कट गया था।
विज्ञापन
5 of 6
शहवान पत्नी आमरा के साथ
- फोटो : अमर उजाला
कल्याणपुर इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि शहवान का पूरा पता फ्लैट नंबर 612 नागेश्वर इन्क्लेव अपार्टमेंट, केशवपुरम कल्याणपुर था, पर उसने फोन पर सिर्फ 612 ही बोला था। इसके अलावा उसने फोन भी नहीं रिसीव किया। पुलिस यदि समय पर शहवान तक पहुंच जाती तो शायद उसे समय पर उपचार मिल जाता। ऐसे में उसकी जान बच सकती थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शहवान बिल्हौर में बेसुध मिला और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
शहवान आईआईटी रुड़की से पासआउट था। सीओ के मुताबिक वह तकनीक की बेहतर जानकार था। जिस तरह से अपार्टमेंट के सभी सीसीटीवी कैमरे हत्या के कुछ घंटे पहले बंद हुए और शहवान के निकलने के बाद चालू हो गए, उससे पुलिस को आशंका है कि शायद शहवान ने खुद ही कैमरे बंद किए हों। बाद में जब सिक्योरिटी स्टाफ को पता चला हो तो उन्होंने चालू किए हों। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।