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आईसीआईसीआई बैंक का मामलाः मिलने से पहले ही एक्टीवेट हो गया क्रेडिट कार्ड, 1.20 लाख की ठगी 

Mon, 07 Jan 2019 03:37 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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साइबर ठगों ने कानपुर में एक डिग्री कालेज असिस्टेंट प्रोफेसर राधा कुशवाहा के क्रेडिट कार्ड से 1.20 लाख रुपये की खरीददारी कर ली। कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए आईसीआईसीआइ बैंक पहुंचने पर उन्हें ठगी का पता चला। काकादेव पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर बैंक कर्मी ओम शिवम वर्मा को नामजद करते हुए अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।  
 
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रावतपुर गांव निवासी डॉ. दिनेश कुशवाहा नर्सिंगहोम चलाते हैं। उनकी पत्नी राधा विजय नगर स्थित सरस्वती डिग्री कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। राधा का आईसीआईसीआई बैंक की शास्त्री नगर शाखा में खाता है। राधा के मुताबिक उन्होंने एक नवंबर को क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक में आवेदन किया था। 18 नवंबर को क्रेडिट कार्ड कोरियर के जरिए उनके घर पहुंचा। 19 नवंबर को वह क्रेडिट कार्ड एक्टिव कराने बैंक पहुंची तो कर्मचारियों ने बताया कि कार्ड से 1.20 लाख रुपये की खरीददारी भी हो चुकी है। इसकी जानकारी शाखा प्रबंधक को दी, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया।
 
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इसके बाद वह पति के साथ एसएसपी से मिलीं। थाना प्रभारी के मुताबिक राधा के पति डॉ. दिनेश कुशवाहा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, शास्त्री नगर निवासी गिरीश चड्ढा की पत्नी सोनिया के क्रेडिट कार्ड से बीस हजार रुपये निकल गए। सोनिया के मुताबिक  5 जनवरी को उनके मोबाइल पर अनजान शख्स की काल आई। खुद को बैंक का अफसर बताकर शातिर उनके क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल कर ली। इसके बाद पेटीएम के जरिए दूसरे के खाते में रकम ट्रांसफर कर ली। 
 

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आरोपी बैंक कर्मी पुलिस के रडॉर पर 
असिस्टेंट प्रोफेसर राधा कुशवाहा के मामले में एक पुलिस अफसर का कहना है कि आरोपी बैंक कर्मी क्रेडिट कार्ड का काम देखता है। वे क्रेडिट कार्ड बैंक से डिलीवर होने के बाद कोरियर कंपनी या डाक विभाग के कर्मचारी से साठगांठ कर उन्हें हासिल कर लेते है।
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फिर क्रेडिट कार्ड को एक्टीवेट कर खरीददारी या अन्य तरीकों से ग्राहकों को चूना लगा देते है। ओम शिवम वर्मा और उससे जुड़े लोगों के बारे मेें कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है, जिस पर काम चल रहा है। जल्द ही इस रैकेट को खुलासा किया जाएगा।  
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