यूपी के उरई (जालौन) जिले में कई दिनों की गर्मी और उमस के बाद बुधवार की रात से लगातार हुई बारिश के कारण शहर के मोहल्लों में बाढ़ से हालात हो गए। देखते ही देखते घरों से लेकर थाने, स्कूल, रेलवे स्टेशन तक सभी जगहों पर पानी पानी ही नजर आ रहा था। शहर की गल्लामंडी में भी जलभराव होने से काफी नुकसान का अनुमान है। वहीं सुबह से हो रही बारिश की वजह से स्कूल भी बंद रहे। ग्रामीण व शहरी इलाकों में कई जगह कच्चे घर गिरे।
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बारिश का पानी
- फोटो : अमर उजाला
जलभराव का सबसे ज्यादा असर शहरी क्षेत्र में देखने को मिला। पानी भरने के कारण दोपहर तक लोग घरों में ही कैद रहे। समाजसेवियों व प्रशासन ने बचाव व राहत का कार्य तेज कर दिया है। शहर में जलभराव की मुख्य वजह नाले पर अतिक्रमण को माना जा रहा है। वहीं प्रशासन ने ऐसे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए अस्थायी व स्थायी रैन बसेरे खोल दिए हैं। प्रशासन व समाज सेवियों ने घरों में कैद लोगों को नाव व अन्य संसाधनों से घरों से सुरक्षित निकाला।
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रामपुरा थाना भी जलमग्न रहा और रेलवे का माल गोदाम यहां तक कि यार्ड में जलभराव दिखाई दिया। सीएचसी, पीएचसी में भी जलभराव रहा। तेज बारिश की वजह से शहर के रामकुंड के पीछे बना मछली बाजार पूर्णता डूब गया। स्थिति यह रही कि तिलक नगर का संपर्क रामजीपुरा कालोनी से टूट गया। यही नजारा मरघट के पुल का देखने को मिला जहां पर पुल के ऊपर से पानी चलने से इस मोहल्ले के लोग भी घरों में कैद रहे।
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बारिश का पानी
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मौसम के साफ होते ही लोगों ने राहत की सांस ली और धीरे-धीरे इलाकों से पानी निकलने लगा है। शहर में भीषण जलभराव की स्थिति को देखते हुए पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा कई सभासदों के साथ अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की और बारिश के पानी को निकालने के लिए अस्थाई विकल्पों पर चर्चा की। वहीं एडीएम ने कहा कि पालिका सबसे पहले अब शहर के नालों पर ध्यान दे, पक्के नाले न होने से काफी परेशानी होती है।
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बारिश का पानी
- फोटो : अमर उजाला
-सनातन व सर्वोदय में बनाए अस्थायी रैन बसेरे
नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाकर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को रहने के लिए स्थायी रैन बसेरों का इंतजाम किया है। डीआईओएस भगवत पटेल ने दोनों ही स्कूलों को जलभराव प्रभावित लोगों के लिए खुलवा दिया है और इन लोगों के खाने पीने की व्यवस्था के भी इंतजाम दुरुस्त किए है। वहीं कई लोगों ने डूडा कालोनी में बने स्थायी रैन बसेरे में भी डेरा जमा लिया है।
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-समाज सेवियों ने घर में फंसे लोगों को निकाला
रात की बारिश की वजह से लोग अपने घरों में सोये थे कि अचानक रात तकरीबन 3 बजे से पानी बढ़ने से वह घरों में कैद हो गए। सुबह होते ही कई समाजसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को घरों से सुरक्षित निकाला।
अफसरों ने दिए स्थिति से निपटने के निर्देश
बाढ़ सी स्थिति देख डीएम और एडीएम ने नगर पालिका व प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी ध्यान दें कि जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए रखें। कोशिश करें कि कम से कम नुकसान हो और घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाले। इन क्षेत्रों में खाने पीने के सामान को पहुंचाने के निर्देश भी दिए। वहीं उन्होंने समाजसेवियों से भी मदद की अपील की है।