यूपी के उन्नाव जिले में बारिश और बाढ़ का कहर तेज हो गया है। बारिश के दौरान बीघापुर तहसील क्षेत्र के कठार गांव में बिजली गिरने से आलोक (19) पुत्र रामसुमेर यादव की मौत हो गई। वहीं भानीखेड़ा गांव में दिव्यांश अवस्थी (14) पुत्र अजय अपने छोटे भाई यश (7) के साथ स्कूल से लौट रहा था।
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बाढ़ का कहर
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दिव्यांश की मौत हो गई। हसनगंज तहसील क्षेत्र के कस्बा न्योतनी में कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर प्रेमा (60) पत्नी अमर सिंह की मौत हो गई। हसनगंज के ही गांव बरौना के मजरा पूरा गांव में बारिश के दौरान बरगद का पेड़ गिरने से एक मकान जमीदोज हो गया।
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इस दौरान घर में मौजूद सजीवन सिंह व उनकी बहू सुमन गंभीर रूप से घायल गई। सुमेरपुर ब्लाक के जंगल बुजुर्ग में बारिश से रामविलास सिंह का मकान ढह गया। उधर गंगा का ऊफान जारी है।
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शनिवार शाम पांच बजे तक गंगा खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है। देर रात तक खतरे का निशान पार कर जाने की अनुमान है। सदर, सफीपुर, बीघापुर और बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। फतेहपुर चौरासी ब्लाक क्षेत्र में बाढ़ के चलते दो पक्के मकान ढह गए हैं।
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फतेहपुर चौरासी में देखते ही देखते सेतुनिगम द्वारा बनवाया गया शिव मंदिर भी बाढ़ की चपेट में आकर गंगा के तेज बहाव में समा गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण कार्य सेतु निगम द्वारा कराया गया था। इसके बाद से मंदिर की व्यवस्था ग्राम पंचायत के ग्रामीण करते रहे हैं।
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ग्राम पंचायत गडाई की प्रधान ने बताया कि ग्राम खग्गापुरवा में कई ग्रामीणों के घर गंगा के तेज बहाव व बाढ़ में कट गये। लोग बेहाल हैं। कई मकान गंगा के बहाव की चपेट में हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
कुछ ऐसा ही हाल दो राजमार्गों को जोड़ने वाले कालीमिट्टी दबौली मार्ग का है। बाढ़ के तेज प्रवाह से यह मार्ग भी कट गया है। गंगा के तेज बहाव के कारण आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।