जुमे की नमाज के दिन शुक्रवार को शहर में हर तरफ शांति रही। पुलिस-प्रशासन की रणनीति काम आई। उनकी अपील को हर किसी ने माना और अमन-चैन बनाए रखने में सभी ने साथ दिया। नमाज के बाद खुद ही वालंटियर ने नमाजियों को घर भेजा। नमाज के बाद लोग अपने-अपने घरों को चले गए। शहर में सौहार्द कायम रहा।
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शुक्रवार को दिखा कुछ ऐसा नजारा
- फोटो : अमर उजाला
यतीमखाना समेत बाबूपुरवा, परेड, रेलबाजार समेत अन्य सभी जगहों पर शांति कायम रही। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात है। पिछले जुमे व उसके दूसरे दिन हुई हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने सबक लेते हुए इस बार रणनीति तैयार की थी। डीएम विजय विश्वास पंत, एसएसपी अनंत देव, एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने सदभावना चौकी के पास पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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शांति से गुजरा शुक्रवार
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वहीं बड़ा चौराहे पर क्राउड कंट्रोल यूनिट के साथ एडीजी प्रेम प्रकाश डटे रहे। उधर दक्षिण में कमिश्नर सुधीर एम बोबड़े, आईजी मोहित अग्रवाल और एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। सभी अधिकारी लगातार मुस्लिम वर्ग के लोगों, काजी व अन्य के संपर्क में रहकर बातचीत करते रहे। पिछली बार आलाधिकारी बवाल शुरू होने के बाद पहुंचे थे।
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लोगाें ने खूब ली सेल्फी
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मस्जिदों से की गई शांति की अपील
एक दिन पहले मुस्लिम वर्ग के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक कर डीएम व एसएसपी ने नमाज खत्म होने के बाद नमाजियों से शांति बनाए रखने की अपील के साथ घर जाने की गुजारिश करने की बात कही थी। शुक्रवार को लगभग सभी मस्जिदों में ऐसा हुआ। इससे भीड़ इकट्ठा नहीं हुई।
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सिपाही ने बच्चे को नंगे पैर देखा तो खरीद कर पहनाए जूते
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खुद संभाली कमान
मुस्लिम लोगों के 20-25 लोगों के समूह बनाए गए थे। ये लोग नमाज शुरू होने के पहले ही मस्जिदों में पहुंच गए थे। वहां पहुंचने वाले लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। इसके बाद जब नमाज खत्म हुई तो खुद बाहर आकर सभी को घर जाने को कहा।
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पुलिस प्रशासन की रणनीति आई काम
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जागरूक हुए लोग, दिखाई समझदारी
हिंसा होने के बाद डीएम, आईजी व एसएसपी समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मोहल्लों में जाकर सभाएं की। यहां पर उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के बारे में विस्तार से बताया। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि लोगों को बातें समझ में आ गई हैं और वह जागरूक हो गए हैं। इस वजह से अमन कायम रहा।
चौराहों पर तैनात रहा भारी फोर्स
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इंटरनेट कराया था बंद
गुरुवार रात नौ बजे से अगले 24 घंटे तक प्रशासन ने इंटरनेट बंद करवा दिया था। ऐसे में सोशल मीडिया पर गतिविधियां बंद रहीं। किसी तरह की अफवाह व भडकाऊ पोस्ट नहीं हुए। इससे भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।