हरदोई में बरातियों से भरी एक कार बेकाबू होकर पलट गई, हादसे में दूल्हे के दो चचेरे भाइयों समेत छह की मौत हो गई। हादसे में सगे भाइयों के साथ बहनोई की भी मौत हो गई। बरात पाली के पटियानींव से कुसुमा गई थी।
हरदोई के आंझी आलमनगर मार्ग पर शुक्रवार आधी रात के बाद बरातियों से भरी कार सड़क किनारे खंती में पलट गई। मझिला थाना क्षेत्र के भूपापुरवा मोड़ पर बेकाबू कार पलटने से दो सगे भाइयों और उनके बहनोई समेत छह लोगों की मौत हो गई। कार सवार छह बराती घायल भी हुए हैं। इन सभी को मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। कार में 12 लोग सवार थे।
सात सवारी की क्षमता वाली कार में बैठे थे 12 लोग
एक बार फिर ओवरलोड वाहन सड़क हादसे का शिकार हो गया। बेशक इस बार ऑटो या ई-रिक्शा नहीं है, लेकिन बरात में प्राइवेट कार किराये पर ले जाई गई थी। सात सवारियों के बैठने की क्षमता वाली कार में 12 लोग सवार थे। बरात जाते समय का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कार चालक के पास वाली सीट पर दो युवक बैठे नजर आ रहे हैं।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : amar ujala
पाली के मोहल्ला भगवंतपुर निवासी रामू कार चालक था। वह पाली के ही शाजेब की प्राइवेट कार किराये पर चलाता था। नीरज के परिजनों के मुताबिक शादी में ले जाने के लिए उसने कार बुक कराई थी। सारे बराती लगभग साढ़े सात बजे निकल गए थे, लेकिन नीरज के चचेरे भाई, दोस्त और चचेरे बहनोई रात में लगभग साढ़े आठ बजे बरात जाने के लिए निकले थे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : amar ujala
यह लोग रामू की कार पर सवार हुए थे। जाते समय कार में आठ लोग ही थे। इनमें उदयवीर और आकाश जाते समय चालक के पास वाली सीट पर आगे बैठे हुए थे। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि रात में ही पाली वापसी की चाहत में कुछ और लोग कार में सवार हो गए। इसके बाद यही कार हादसे का शिकार हो गई।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
लॉक हो गई थी कार, शीशे तोड़कर निकाले गए घायल
अर्टिगा कार खंती में गिरने के बाद ऑटोमेटिक लॉक हो गई थी। इसमें फंसे लोग बाहर निकलने के लिए छटपटा रहे थे, लेकिन दरवाजे और शीशे नहीं खुल रहे थे। इसी बीच पीछे से बरात में शामिल रामजी और उसके पिता धर्मेंद्र दूसरी कार से पहुंच गए।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : amar ujala
इन लोगों ने भी कार में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया तब भी खिड़की नहीं खुली। विंडस्क्रीन टूटी थी और उसी से घायलों को बाहर निकाला गया। घटना के दौरान चालक रामू की गर्दन में शीशा घुस गया था, जबकि उदयवीर का बायां हाथ ही शरीर से अलग हो गया था।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : amar ujala
अरे जीजा, तुम कार से चलो
बरात से वापस आते समय कार में सवारियों की संख्या ज्यादा हो गई। इस पर जितेंद्र का बहनोई जौहरी और जितेंद्र का पुत्र सिद्धार्थ बस पर सवार हो गए थे। इसकी जानकारी जितेंद्र को मिली तो उसने जौहरी से कहा कि अरे जीजा तुम बस से नहीं कार से चलो। इस पर जौहरी ने सिद्धार्थ को भी उतार लिया और कार पर बैठा लिया। बाद में यही कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : amar ujala
बरात में नहीं आना चाहता था उदयवीर, नीरज की जिद पर आया था
दूल्हे का चचेरा बहनोई जौहरी पहले शादी में नहीं आना चाहता था। दरअसल, जौहरी के यहं बीते दिनों एक समारोह हुआ था। इसमें नीरज के परिवार से कोई शामिल नहीं हुआ था। इसको लेकर जौहरी के मन में नाराजगी थी।
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हादसे के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : amar ujala
नीरज ने जब बरात का निमंत्रण दिया तो उसने आने से मना कर दिया। इसके बाद नीरज और जीतेंद्र के कहने पर वह बरात में गया, लेकिन फिर वापस नहीं आया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : amar ujala
पाली के पटियानींव से कुसुमा गई थी बरात
जानकारी के अनुसार, हरदोई के पाली नगर के मोहल्ला पटियानींव निवासी नीरज की बरात शुक्रवार रात मझिला थाना क्षेत्र के कुसमा गांव गई थी। बरात में नीरज के चचेरे भाई जितेंद्र (35) और आकाश (22), जितेंद्र का पुत्र सिद्धार्थ (6), जितेंद्र के बहनोई किलकिली निवासी जौहरी (40), पाली निवासी नरेंद्र (18), उदयवीर (18), रंजीत (18), परविंद (28), नीरज (17) और दूल्हे की मौसी का बेटा सकरौली निवासी अनिल (24) थे।
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मृतक कार चालक रामू और उदयवीर के फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
बरातियों से भरी बेकाबू कार पलटी
यह सभी लोग द्वारचार और जयमाल होने के बाद रात में लगभग दो बजे वापस पाली जाने के लिए कार से निकले थे। कार पाली थाना क्षेत्र के भगवंतपुर निवासी रामू (25) चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार कार भूपापुरवा मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और कई बार पलटी खाने के बाद खाई में पलटकर रुक गई।
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मृतक जितेंद्र और जौहरी के फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
पीछे से दूसरी कार से आ रहे बरातियों ने कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू करने के साथ ही पुलिस को भी जानकारी दी। सीओ शाहाबाद अनुज मिश्रा और कोतवाल ब्रजेश राय एक घटना की सूचना पर क्षेत्र में ही थे। फौरन दोनों अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
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मृतक सिद्धार्थ और आकाश के फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
सभी घायलों को कार से निकलवाकर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। यहां चिकित्सक ने जितेंद्र, आकाश, सिद्धार्थ, जौहरी और रामू को मृत घोषित कर दिया। बाकी सात घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर कर दिया गया।
दूल्हे के दो चचेरे भाइयों समेत छह की मौत
यहां से भी सभी को ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में उदयवीर को भी मृत घोषित कर दिया गया। सीओ शाहाबाद अनुज मिश्रा ने बताया कि अनिल, नीरज, परविंद, अमन, रंजीत और नरेंद्र का उपचार लखनऊ में चल रहा है।