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UP: पढ़ी जा रही थीं चौपाइयां…अचानक गूंजी चीत्कार, बिखरे पड़े थे मासूम समेत पांच शव, ऐसा था हरदोई सड़क हादसा

Tue, 30 Sep 2025 06:14 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi Road Accident: घटना में दो मासूम बच्चों समेत चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी। घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े थे। नौ माह के बासू और दो साल की गौरी का शव तो ऐसे पड़ा थे, जैसे किसी ने गुड्डे गुड़िया फेंक दिए हों। घटना के बाद मौके पर खून पड़ा हुआ था। शव उठाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने ही खून पर मिट्टी डाली।
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हरदोई सड़क हादसे के मृतकों की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

हरदेाई जिले में सुरसा थाना क्षेत्र के भीठा गांव में संदीप ने बेटे कार्तिक के मुंडन पर रामचरित मानस का अखंड पाठ घर में रखा गया था। पाठ की शुरूआत विधिवत पूजन के साथ रविवार को हुई थी। मुंडन के बाद वापस घर आने पर सोमवार को रामचरित मानस के पाठ को विश्राम दिया जाना था। अचानक हुई घटना का पता चलने पर सब कुछ थम गया। जिस माइक से रामचरित मानस की चौपाइयां गूंज रही थीं। उन्हीं माइकों पर घर की महिलाओं का करुण क्रंदन पूरे गांव को सुनाई दे गया। कार्तिक का मुंडन कराने के लिए परिजन और रिश्तेदार सोमवार सुबह लगभग 11 बजे घर से निकले थे। उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ सभी लोग गए थे।

बाबा मंदिर में पूजन के बाद मुंडन संस्कार हुआ। कार्तिक के बाल लेने के लिए उसकी बुआ कन्नौज जनपद के जलाललपुर थाना क्षेत्र के सारों थोक गांव निवासी सीमा आई थीं। उसने कार्तिक के बाल भी लिए। फिर सभी लोग ढोलक बजाते हुए ट्रैक्टर और पिकअप से वापस घर जा रहे थे। फर्दापुर में मोनी अपने भाई संतराम और भाभी संगीता की बाइक पर बेटी गौरी और भांजे (सीमा का पुत्र) बासू के साथ चली गईं। ऐसा इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें जल्दी घर पहुंचकर रामचरित मानस के अखंड पाठ का विश्राम होने पर होने वाले हवन की तैयारी करनी थी। इससे पहले ही हुई घटना में उनकी मौत हो गई।

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टक्कर मारने के बाद खंती में खड़ा मैजिक डाला - फोटो : amar ujala

मुंडन में शामिल होने आई थी बेटे का गंवा बैठी सीमा
कन्नौज के जलालपुर थाना क्षेत्र के सारोथोक निवासी सीमा के दो पुत्रियां जान्हवी और मानवी हैं। इकलौता पुत्र बासू था। भाई के पुत्र के मुंडन में शामिल होने सीमा अपने तीनों बच्चों के साथ आई थीं। पति दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं। सीमा हादसे में अपने इकलौते बेटे को गंवा बैठीं। उधर, दूसरी ओर दादी बुद्धमती की गोद में बैठा कार्तिक बेहद डरा हुआ नजर आया। कई बार उससे बातचीत की कोशिश परिजनों ने की लेकिन वह किसी से नहीं बोला। ज्यादा पूछने पर जोर-जोर से रोने लगता और मम्मी (मोनी) को बुलाने की जिद करने लगता।

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परिजनों से घटना की जानकारी लेते डीएम अनुनय झा व एसपी अशोक कुमार मीणा - फोटो : amar ujala
मासूम के शव थे बिखरे, अभी तो जिंदगी शुरू भी नहीं हुई थी
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि घटना में दो मासूम बच्चों समेत चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी। घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े थे। नौ माह के बासू और दो साल की गौरी का शव तो ऐसे पड़ा थे, जैसे किसी ने गुड्डे गुड़िया फेंक दिए हों। दोनों ही मासूम अभी ठीक से मां-पिता के अलावा किसी को पहचाने तक नहीं सकते थे, जिसने भी बच्चों के शव देखे वह दहलकर रह गया। लोगों के मुंह से बर्बस ही निकल पड़ा कि अभी तो जिंदगी शुरू भी न हुई थी और खत्म हो गई। घटना के बाद मौके पर खून पड़ा हुआ था। शव उठाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने ही खून पर मिट्टी डाली। घटनास्थल के साथ ही मेडिकल कॉलेज में भी मृतकों के परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया।

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घटनास्थल पर पड़ी बाइक - फोटो : amar ujala
दावत के लिए बने थे पकवान, फिर आनन फानन पसर गया सन्नाटा
संदीप मजदूरी करता है। आर्थिक रूप से बहुत समृद्ध नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक उसके पास खेती भी नहीं है। बेटे के मुंडन पर उसने बड़ी दावत का इंतजाम किया था। गांव भर के लोगों के साथ रिश्तेदारों को भी आमंत्रित किया था। इसकी वजह से पकवान बनवाने के लिए हलवाई भी रविवार से ही आ गए थे। मकान के ही एक हिस्से में हलवाई काम लगाए हुए थे। दावत में खाने के बाद मिठाई के तौर पर रसगुल्ले और मेहमानों को वापसी के समय देने के लिए लड्डू भी बन चुके थे। सब्जियां कट गई थीं, बस इनको बनाया जाना था। इसी बीच हादसे की खबर आई तो हलवाई भी सब कुछ जस का तस छोड़कर मौके से चले गए। इसके बाद फिर इस कमरे का रुख किसी ने नहीं किया और यहां सन्नाटा पसरा रहा।
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मेडिकल कॉलेज में रोते बिलखते मृतकों के परिजन - फोटो : amar ujala
माल वाहक वाहन में सवारी बैठाने पर तीन बार किया जा चुका था डाला का चालान
यातायात पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि दुर्घटना करने वाला डाला बिलग्राम के हूंसेपुर निवासी मनोज कुमार नागर के नाम है। माल वाहक वाहन के तौर पर इसका पंजीकरण उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में है। इस वाहन का सवारी ढोने के आरोप में तीन बार चालान किया जा चुका है। 29 जुलाई 2023, तीन मार्च 2024 और बीती 28 सितंबर यानी रविवार को ही इस मैजिक का चालान किया गया था। तीनों बार दो-दो हजार रुपये का जुर्माना इस पर किया गया था। हालांकि, घटना के समय वाहन में कोई सवारी नहीं थी।
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मुंडन की दावत में वितरण के लिए रखे लड्डू - फोटो : amar ujala
यह हो सकती है दुर्घटना की वजह
  • चालक नशे में रहा हो और उसका मैजिक से नियंत्रण छूट गया।
  • मैजिक की स्टेयरिंग फेल होने के कारण मैजिक अनियंत्रित हुई हो।
  • मैजिक चलाते समय रफ्तार बहुत ज्यादा हो और चालक नियंत्रण खो बैठा हो।
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दादी बुद्धमती की गोद में बैठा कार्तिक - फोटो : amar ujala
ये था पूरा मामला
बिलग्राम मार्ग पर सुरसा तिराहा के पास सड़क किनारे बाइक समेत खड़े पांच लोगों को मैजिक (डाला) ने रौंद दिया। घटना में दंपती और मां बेटी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह सभी लोग मुंडन से वापस आ रहे थे। जिस बच्चे का मुंडन था, उसकी मां और बहन की भी घटना में मौत हुई है। घटना के बाद मैजिक चालक मौके से भाग निकला। दुर्घटना की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

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सूना पड़ा रामचरितमानस के आखंडपाठ को बनाया गया पूजा स्थल। - फोटो : amar ujala
मुंडन में शामिल होने के लिए गए थे मंदिर
सुरसा थाना क्षेत्र के भीठा निवासी संदीप मजदूरी करता है। उसके पुत्र कार्तिक (5) का मुंडन सोमवार को शहर के बाबा मंदिर मेें हुआ था। मुंडन में शामिल होने के लिए एक ट्रैक्टर ट्राली, एक डाला और एक बाइक से ग्रामीण व रिश्तेदार बाबा मंदिर गए थे। वहां से वापस आते समय सभी लोग फर्दापुर में ब्रम्हदेव के स्थान पर प्रसाद चढ़ाने के लिए रुके। मुंडन में शामिल होने के लिए संदीप का साला टड़ियावां थाना क्षेत्र के जिगनिया निवासी संतराम (35) अपनी पत्नी संगीता (32) के साथ आया था।

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मुंडन की दावत के लिए बनी मिठाई - फोटो : amar ujala
मैजिक सबको रौंदते हुए आगे खाई में जाकर रुकी
फर्दापुर में जब सभी लोग रुके, तो संदीप की पत्नी (संतराम की बहन) मोहिनी उर्फ मोनी (28) अपने पुत्री गौरी (2) और ननद सीमा के पुत्र बासू (आठ माह) को लेकर डाला से उतरकर संतराम की बाइक पर बैठ गई। यह लोग पहले चल दिए और बिलग्राम रोड पर सुरसा तिराहा पर सड़क किनारे रुक गए। यहां कुछ रिश्तेदार पहले से भी मौजूद थे। इसी दौरान बिलग्राम की तरफ से आई मैजिक सड़क के दूसरी तरफ खड़े संतराम, संगीता, मोनी, गौरी और बासू को रौंदते हुए आगे खाई में जाकर रुक गई।
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परिजनों से जानकारी करती पुलिस - फोटो : amar ujala


गैर इरादतन हत्या की धाराओं में दर्ज होगा मामला

घटना से मौके पर अफरा तफरी मच गई। आनन फानन ही सभी को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां पांचों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी पर डीएम अनुनय झा और एसपी अशोक कुमार मीणा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मृतकों के परिजनों को सांत्वना देकर घटना की जानकारी ली। उधर दूसरी ओर एसडीएम सदर एसके मिश्रा और सीओ सिटी अंकित मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे। डीएम ने बताया कि घटना की वजह की जांच की जा रही है। मैजिक का चालक अभी पकड़ में नहीं आया है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। मैजिक के पंजीकरण नंबर से पता चला है कि यह बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के हूंसेपुर निवासी शख्स की है।
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