गुरु तेग बहादुर के 341वें शहीदी पर्व पर श्री गुरु सिंह सभा ने शुक्रवार को कानपुर में गुरुद्वारा पांडु नगर से नगर कीर्तन निकाला। इसे एसएसपी आकाश कुलहरि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना दिया। इसमें दस गुरु साहिबान के चित्र आकर्षण का केंद्र रहे। झांकियों में राजाओं के सिख पंथ पर किए अत्याचारों को दर्शाया गया।
विज्ञापन
गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब को कीर्तन के दौरान लाया गया
2 of 4
गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब को नगर किर्तन के लिए ले जाते हुए
- फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
गतका पार्टी ने करतब दिखाए। सफेद गुब्बारे उड़ाकर विश्व शांति का संदेश दिया गया। कमेटी ने एसएसपी को सरोपा भेंट किया।
नगर कीर्तन के संयोजक पूर्व एमएलसी और श्री गुरु सिंह सभा के चेयरमैन सरदार कुलदीप सिंह ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर सच्ची धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के प्रेरणास्रोत थे।
विज्ञापन
पांडु नगर गुरुद्वारे से मोतीझील पर समाप्त हुआ कीर्तन
3 of 4
महाराज की सवारी का संदेश देते हुए निकला जत्था
- फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
उन्होंने धार्मिक उन्माद का जवाब धार्मिक उदारता से दिया। उनकी कुर्बानी से सामाजिक चेतना बढ़ी और तानाशाहों की अराजकता पर रोक लगी। पांडु नगर गुरुद्वारे से नगर कीर्तन कबाड़ी मार्केट, गुमटी, संत नगर होते हुए मोतीझील में समाप्त हुआ। इसके पूर्व गुरु ग्रंथ साहब का पाठ और विश्व शांति के लिए अरदास हुई । यात्रा में आगे नगाड़ा और बैंड बजाकर लोगों को महाराज की सवारी का संदेश दिया जा रहा था।
जत्थे की रवांनगी से पहले की तस्वीर
- फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
इसके पीछे अमृतसर दरबार साहिब से आई टोली बिगुल बजा रही थी। रथ के आगे पंच प्यारे तलवारें लेकर चल रहे थे। इस दौरान धार्मिक जत्थेदार गुरुचरण वासू, प्रिंस वासू, सिमरन जीत सिंह, त्रिलोचन सिंह, भगवंत सिंह, समरजीत, मोहकम सिंह आदि मौजूद रहे। गुरु सिंह सभा की यूथ विंग से सुखप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, रुमित सिंह, इंद्रपाल सिंह भाटिया आदि ने भागीदारी की।