उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में बाबा वीरेंद्र देव आश्रम पर बेटी की तलाश में आए पिता को आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहां की सेविकाओं ने बेटी को ले जाकर बहन से मुलाकात कराई। उसने साथ जाने से इनकार कर दिया। पिता-पुत्री हताश होकर लौट गए।
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वीरेंद्र देव आश्रम
जिला रायबरेली के सलोन के राधानगर निवासी कृष्णकुमार प्रसाद अपनी बेटी किरन के साथ दूसरी बेटी संध्या उर्फ मुन्नी को ढूंढने 12 जून को सिकंतरबाग स्थित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम पर आए थे। यहां पर आश्रम की सेविकाओं ने अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद कृष्णकुमार ने डीएम से मिलकर बेटी को आश्रम से मुक्त कराए जाने की मांग की। डीएम के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस बुधवार को आश्रम पहुंची।
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वीरेंद्र देव आश्रम
यहां पर सेविकाओं ने अंदर जाने से मना कर दिया। हालांकि सेविकाएं किरन को अंदर लेकर चली गईं और बहन संध्या से मुलाकात करा दी। कोतवाल संजीव राठौर ने बताया कि वहां पर कृष्णकुमार की बेटी संध्या की किरन से मुलाकात हुई। उसने जाने से मना कर दिया। संध्या बालिग है। इसके बाद पिता-पुत्री मायूस होकर लौट गए।
बिहार के हैं मूल निवासी
कृष्णा कुमार प्रसाद ने डीएम को दिए पत्र में बताया कि वह बिहार के सीवान के निवासी हैं। इन दिनों रायबरेली के सलोन में रह रहे हैं। उनकी 45 वर्षीय पुत्री संध्या उर्फ मुन्नी अपने पुत्र के साथ गायब है। उन्हें पिछले दिनों समाचार पत्रों से पता चला कि वह फर्रुखाबाद में है।