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मामा की मोहब्बत में डूबी लड़की निकली मां-बाप की कातिल, सामने आया 'एक और काला सच'

Fri, 04 Jan 2019 10:20 AM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कन्नौज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कन्नौज जिले में प्रेम-संबंधों का विरोध करने पर मामा के साथ मिलकर पिता और मां की हत्या कर फरार आरोपियों की पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया। गिरफ्त में आयी बेटी ने बताया कि उसने ही सबसे पहले पिता पर फावड़े से हमला किया था। मामा के साथ एक राय होकर पिता की हत्या कर मां को मरणासन्न कर दोनों लोग नगदी और जेवर लेकर फरार हो गए थे।
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कन्नौज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गुरसहायगंज कोतवाली के गौरियापुर गांव निवासी 55 वर्षीय रमेश दोहरे की बेटी संगीता देवी ने अपने मामा परवेंद्र निवासी कतन्नापुर हरदोई के साथ मिलकर पिता की फावड़ा से हत्या कर दी थी। जबकि मां ऊषा देवी को घायल कर दिया था। ऊषा देवी ने 16 अक्तूबर दम तोड़ दिया था। वारदात को अंजाम देकर फरार हुई संगीता और परवेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने कई राज्यों में छापेमारी की थी लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। 
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कन्नौज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
एक जनवरी को सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह और स्वॉट टीम प्रभारी राकेश कुमार के सहयोग से गुरसहायगंज कोतवाल नागेंद्र पाठक ने संगीता और परवेंद्र को नगमा नाम महिला की किराए पर लेकर रहे झोपड़ पट्टी आरबीएस रोड अंगुश थाना भदरेश्वर जनपद हुगली पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान संगीता ने बताया कि उसके मामा परवेंद्र से करीब दो साल से अवैध संबंध थे। आठ अक्तूबर 2018 को रमेश की पत्नी ऊषा दोहरे ने अपने भाई परवेंद्र को उसके साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद पिता और मां ने मामा को घर से निकाल दिया था। दोनों की हत्या करने के बाद यहां से सीधे वह रोडवेज बस से कानपुर और फिर मुंबई ट्रेन से रवाना हुए।

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कन्नौज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
12 अक्तूबर को मुंबई में एक रिक्शा चालक शमसाद को एक हजार रुपये देकर उसके घर पर ठहरे। यहां महंगाई देखकर दोनों हावड़ा ट्रेन से 15 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के हुगली जनपद में पहुंचे। आरबीएस रोड अंगुश थाना भदरेश्वर जनपद हुगली पश्चिम बंगाल में रहने लगे। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था। झोपड़ी में मामा-भांजी एक साथ रहने लगे। परवेंद्र दिन में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के साथ मजदूरी करता था।

 
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कन्नौज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
एक दिन उसने 300 रुपये में एक मजदूरी से मोबाइल खरीदा। इसके बाद वहां अपने आधार कार्ड से एक सिम को खरीदा। पुलिस ने जब आधार कार्ड से लिंक हुई सिम की लोकेशन के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दो साल पहले संगीता के भाई योगेंद्र प्रताप की शादी हुई थी। शादी में परवेंद्र आया था। तभी से दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसके बाद परवेंद्र दिल्ली चला गया लेकिन दोनों के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला बना रहा। इसके बाद परवेंद्र संगीता के कहने पर उसकी धान की फसल में मदद कराने के लिए दिल्ली से गौरियापुर में बहन बहनोई के घर रहना लगा और भांजी के साथ अवैध संबंध हो गए।  
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