पुलिस प्रताड़ना से आहत नीशू की सहेली मोहिनी के साथ रविवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी कोई कसर नहीं रख छोड़ी। सीएमओ दफ्तर बयान दर्ज कराने पहुंची मोहिनी का आरोप है कि मैडम ने उसके पूरे बयान ही दर्ज नहीं किए, उसकी कुछ बातें लिखीं और कुछ नहीं।
विज्ञापन
2 of 6
नीशू की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वहीं सीएमओ डॉ. अल्पना बरतारिया का कहना है कि मोहिनी के आरोप निराधार हैं। गौरतलब हो कि नीशू की मौत के बाद हो रही मजिस्ट्रेटी जांच में अब मोहिनी और शिवानी के बयान महत्वपूर्ण हो गए हैं। रविवार को दोनों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए।
विज्ञापन
3 of 6
पीड़िता के घर पहुंचे सपाई और कांग्रेसी
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर एक बजे के आसपास मोहिनी को सीएमओ आफिस बयान दर्ज कराने को भेजा गया। एक घंटे तक बयान दर्ज कराने के बाद बाहर निकली मोहिनी का कहना था कि मैडम ने कुछ बातें नोट कीं और कुछ नहीं, जब उसने बताया कि मोबाइल की दुकान से लाते गाड़ी में भी उन तीनों के साथ मारपीट की गई तो मैडम की कलम ही नहीं चली। अपनी हथेली दिखाते हुए मोहिनी ने बताया कि यहीं पर सिपाही ने बेल्ट मारी थी।
4 of 6
थाने में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
नीशू का मोबाइल लेने रविवार की दोपहर भाई कल्याण के साथ बड़ी बहन वंदना कोतवाली पहुंची। पुलिस ने लिखापढ़ी कर नीशू का जब्त मोबाइल वंदना को थमा दिया। कोतवाली के अंदर से बाहर गेट तक आते-आते वंदना की आंखें एक बार फिर भर आई और दर्द उसके शब्दों से छलक पड़ा।
विज्ञापन
5 of 6
थाने में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वंदना बोली, दरोगा की वजह से उसकी बहन नीशू ने जान दी, लेकिन दरोगा को सजा क्या मिली सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। कहा कि किसी दिन कोई डकैत ही दरोगा को सही सबक सिखाएगा, तब हम लोगों के कलेजे को ठंडक मिलेगी।
वंदना के मुताबिक, नीशू थोड़ी चंचल और फैशन करने की शौकीन थी, पर चोर नहीं थी। वह अपने शादी के सपने संजो रही थी, लेकिन इन पुलिस वालों ने उसके साथ ही उसकी सभी खुशियों को भी खत्म कर दिया।