सजेती की दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दावा किया है कि उनकी मौत एक हादसा थी। हत्या या खुदकुशी के साक्ष्य नहीं मिले हैं। लिहाजा दर्ज केस से हत्या व साजिश रचने की धारा हटाकर लापरवाही से गाड़ी चलाने से किसी की मौत हो जाने की धारा (304 ए व 279) व साक्ष्य मिटाने की धारा (201) में चालक और क्लीनर को जेल भेज दिया गया है। फोरेंसिक जांच में टायर और ट्रक की बॉडी में खून के निशान मिले हैं।
विज्ञापन
2 of 6
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : amar ujala
सजेती के एक गांव में आठ मार्च को 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। नौ को पुलिस ने दरोगा के दो बेटों समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज की थी। तीनों आरोपी गोलू यादव, दीपू यादव व सौरभ यादव जेल में हैं। वहीं 10 मार्च की सुबह घाटमपुर सीएचसी के सामने ट्रक से कुचलकर पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
3 of 6
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : amar ujala
परिजनों ने दीपू के पिता दरोगा देवेंद्र सिंह यादव व अन्य पर हत्या का केस दर्ज कराया था। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि शनिवार को ट्रक को बरामद कर लिया गया था। ट्रक चालक पप्पू महतो व क्लीनर बबलू महतो को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों झारखंड के धनबाद जिले के धावाछीता राजगंज के रहने वाले हैं। पप्पू ही ट्रक मालिक है।
4 of 6
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में आरोपियों ने हादसे की बात कबूली। दोनों का हत्यारोपी दरोगा या दुष्कर्म के आरोपियों से कनेक्शन नहीं मिला है। फोरेंसिक रिपोर्ट में भी हादसे की मुहर लगी थी। एसपी ग्रामीण बृजेश कुुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हत्या के केस में ही धाराएं बदली गई हैं। अलग से इसका केस दर्ज नहीं किया गया है।
विज्ञापन
5 of 6
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
1600 किमी ट्रक चला, फिर भी नहीं मिटे खून के धब्बे
डीआईजी के मुताबिक जमशेदपुर से ट्रक पंजाब जा रहा था। हादसे के बाद इन सभी ने वहां जाकर माल उतारा और परचून का सामान लोड किया। उसके बाद भोगनीपुर कानपुर देहात से ट्रक पकड़ा गया। इस दौरान तकरीबन 1600 किमी की दूरी ट्रक ने तय की। मगर जब फोरेंसिक जांच हुई तो उसमें ट्रक के टायरों व बॉडी पर खून के धब्बे मिले। सूत्रों के मुताबिक ट्रक लुधियाना से बरामद किया गया है लेकिन पुलिस लिखापढ़ी में कानपुर देहात दिखा रही है।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के वक्त सो रहा था क्लीनर
डीआईजी ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय क्लीनर बबलू सो रहा था। हादसे के बाद उसकी नींद खुली। दोनों डर गए थे। इसलिए वो घाटमपुर इलाके में स्थित कृष्णा ढाबे पर जाकर रुके। यहां से चलने के बाद एटा के एक ढाबे पर पहुंचे। यहां धुलाई सेंटर पर गाड़ी धुलाई। चूंकि साक्ष्य मिटाने में बबलू की भी भूमिका रही। इसलिए उसको आरोपी बनाया गया है।