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सजेती सामूहिक दुष्कर्म मामला: हाथरस कांड में भी मेडिकल रिपोर्ट दबाए बैठी थी पुलिस, यहां भी वही रवैया

Sun, 14 Mar 2021 04:31 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला - फोटो : अमर उजाला
घाटमपुर के सजेती कांड में भी हाथरस कांड की तरह पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट छिपा ली है। सवाल है कि आखिर पुलिस ऐसा क्यों कर रही है।  पीड़िता का मेडिकल कराने से लेकर रिपोर्ट दबाए रहने से पुलिस सवालों के घेरे में है। पीड़िता के साथ सोमवार को आरोपियों ने दुष्कर्म किया।
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने मंगलवार शाम पहले घाटमपुर सीएचसी और फिर कांशीराम अस्पताल में मेडिकल कराया। दूसरे दिन बुधवार को फिर पीड़िता की कुछ जांचें कांशीराम अस्पताल में कराई गईं। डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी हैं लेकिन पुलिस मेडिकल रिपोर्ट बारे में जानकारी देने से इंकार कर रही है।
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला - फोटो : अमर उजाला
डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट गोपनीय है। इसको सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। एक अन्य पुलिस अफसर ने केवल यह जानकारी दी कि  मेडिकल रिपोर्ट में उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई है।

 

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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला - फोटो : अमर उजाला
पूरे केस में पुलिस का रवैया संदेह के घेरे में रहा 
सामूहिक दुष्कर्म की वारदात में पुलिस का रवैया शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है। एफआईआर देर से लिखना, मेडिकल के लिए इधर से उधर चक्कर लगवाना। देर रात सीएचसी में बुलाकर लेबर रूम में पीड़िता को ठहराना, बेहद संवेदनहीनता भरा रहा है। अब मेडिकल रिपोर्ट छिपाना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

 
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला - फोटो : amar ujala
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का किया वादा
सजेती में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कांग्रेसियों ने उन्हें हर कीमत पर न्याय दिलाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने का भरोसा दिया। शुक्रवार को पीड़ित परिजनों से मिलकर कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद राजाराम पाल ने कहा कि बेटी के साथ जघन्य घटना को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कांग्रेस उनके साथ है। पिता की मौत पर दुख जताते हुए उन्होंने परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इससे पूर्व कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश सचान ने भी पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर पुलिस की संवेदनहीन कार्रवाई पर सवाल उठाते कहा कि घटना के आरोपी व पिता की मौत के जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बख्शे नहीं जाने चाहिए। आरोपियों की दबंगई से परिवार दहशत में है।
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