दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के मामले में खाकी ने नियम-कानून ताक पर रखकर काम किया। पीड़िता से थाने और सीएचसी में पूछताछ की। अश्लील और अभद्र सवाल किये। उसके चरित्र पर सवाल उठाए। पुरुष पुलिसकर्मी भी पूछताछ में शामिल रहे। सभी पुलिसकर्मी वर्दी में थे।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
कानून के जानकारों का कहना है कि यह नियमों के खिलाफ है। ऐसा करके पुलिस ने सीआरपीसी 160 के तहत बनाए गए कानूनों का मखौल उड़ाया। पुलिस ने किस तरह से पीड़िता के बयान लिए और उसका रवैया कैसा था, इस संबंध में उसके पिता ने अपने भाई को बताया था।
विज्ञापन
3 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : amar ujala
मृतक के भाई ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पुलिस ने पीड़िता के बयान सजेती थाने में दर्ज किए थे। उसके बाद जब सीएचसी घाटमपुर में उसको रोका तो यहां पर भी पुलिसकर्मी उससे सवाल दाग रहे थे। दुष्कर्म किसने पहले किया और कितनी बार किया।
4 of 5
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे तमाम अश्लील सवाल किए। कुछ ऐसे अमर्यादित सवाल थे, जिनके बारे में बताने से वह झिझक रहे थे। वहीं बयान के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ पुरुष भी मौजूद थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिसकर्मियों का रवैया कितना संवेदनहीन रहा।
बताते चलें कि सजेती के एक गांव में सोमवार शाम को 13 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मंगलवार शाम को दरोगा पुत्र समेत अन्य आरोपियों पर एफआईआर हुई। बुधवार सुबह पीड़िता के पिता की घाटमपुर में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। मामले में पीड़िता के चाचा और दादा पैरवी कर रहे हैं।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के बयान दर्ज करने का ये है नियम
अधिवक्ता अजय सिंह भदौरिया ने बताया कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के बयान को लेकर पुलिस को सख्त नियमों का पालन करना होता है। पहली बात पीड़िता के बयान थाने में नहीं, बल्कि उसके घर पर दर्ज किए जाएंगे। बयान सिर्फ महिला पुलिसकर्मी दर्ज करेंगी। इस दौरान पीड़िता के माता-पिता या अभिभावक मौजूद रहेंगे। बयान लेने वाली महिला पुलिसकर्मी सादी वर्दी में रहेंगी। कोई भी ऐसे सवाल नहीं पूछे जाएंगे, जो अभद्र और अश्लील हों या पीड़िता के चरित्र को लेकर हों।