पॉलिथीन के उपयोग को कम करने के लिए प्रशासन और कई संगठन शहरियों को जागरूक कर रहे हैं। इन सबके बीच कानपुर शहर में एक ऐसा बाजार भी है जहां पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं होता है। यहां झोले और कागज के लिफाफों में ग्राहकों को सामान दिया जाता है।
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अर्मापुर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
आजादी से पहले 1943 में स्थापित अर्मापुर इस्टेट में यह बाजार लग रहा है। पहले यहां धड़ल्ले से पॉलिथीन का इस्तेमाल होता था। कुछ समय पहले आयुध निर्माणी कानपुर के वरिष्ठ महाप्रबंधक एके जैन ने बाजार में पॉलिथीन के किसी भी प्रकार के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद उन्होंने बाजार का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने कई दुकानदारों पर तगड़ा जुर्माना लगाया था। इसके बाद से यहां के दुकानदारों ने पॉलिथीन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया। अब यहां झोलों और कागज के लिफाफों में ग्राहकों को सामान दिया जाता है।
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अर्मापुर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
दुकानदार बोले
1995 से यहां दुकान कर रहे हैं। जब से यहां पर पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है तब से इसका पूरा पालन किया जा रहा है।
कन्हैया मिश्रा, पुस्तक भंडार
सब्जी खरीदने वाले यहां पर ज्यादातर लोग कपड़े वाले झोले ही लाते हैं। इसलिए पॉलिथीन रखने का कोई मतलब ही नहीं है। नियमों का पालन सभी क ो करना चाहिए।
मुन्ना, सब्जी विक्रेता
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अर्मापुर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
किराना का सामान कागज के लिफाफों पर देते हैं। सभी लोग जागरूक हो जाए तो पॉलिथीन का उपयोग खुद ब खुद बंद हो जाएगा। इसके लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
अजय, किराना व्यापारी
मौजूदा समय में अन्य बाजारों में कई मिठाई के व्यापारी चांदी की वर्क जैसी दिखने वाली पॉलिथीन में जलेबी-समोसा देते हैं लेकिन यहां पर कागज के लिफाफों में ही सामान देते हैं।
अर्जुन, मिठाई व्यापारी
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अर्मापुर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
पब्लिक बोली
इस बाजार की खासियत है कि यहां पर ज्यादातर दुकानदार पॉलिथीन का उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे में सामान लेने के लिए झोला रखते हैं। कैरी बैग भी यहां के दुकानदार नहीं देते।
श्याम सिंह, निवासी अर्मापुर
पॉलिथीन का उपयोग खत्म होना चाहिए। पॉलिथीन के कारण कई समस्याएं होती हैं। सरकार को यदि इसे बंद करना है तो इसके उत्पादन पर ही रोक लगा दें।
राजू खंडा, निवासी अर्मापुर
बाजार की यह है खासियत
अर्मापुर बाजार में एक ही स्थान पर एक वस्तु की कई दुकानें हैं। जैसे जिस लेन में किराना आइटम मिलता है तो उस जगह पर इन्हीं की दुकानें हैं। इसी तरह जहां पर मिठाई की दुकान है वहां पर कई मिठाई विक्रेता है। जबकि सब्जी की दुकानें अलग हैं। इससे यहां पर गंदगी भी कम होती है।
बोर्ड भी लगा है
अर्मापुर बाजार में प्रवेश से पहले धनुष उद्यान के पास एक बोर्ड लगाया गया है। जिसमें पॉलिथीन के उपयोग न करने और इसके प्रतिबंध की जानकारी दी गई है।