घर में लगी आग से बुरी तरह से झुलसे वासुदेव और मोना ने बच्चों को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। बीच में आग की लपटें थीं, एक तरफ बच्चे तो दूसरी तरफ वासुदेव और मोना। बच्चों को आग से घिरा देख दोनों से रहा नहीं गया। खुद को आग में झोंककर तीनों बच्चों को निकाला। इसके चलते दोनों बुरी तरह से झुलस गए और हैलट में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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आग में गंभीर रूप से झुलस गई माेना
- फोटो : अमर उजाला
वासुदेव ने सबसे पहले 13 साल की बेटी स्नेहा को अंदर से निकालकर बालकनी में पहुंचाया। इसके बाद चार साल के बेटे अक्षत को। स्नेहा भाई अक्षत को लेकर बालकनी पर पड़ोसियों द्वारा लगाई गई सीढ़ी से नीचे उतर गई। इस बीच दंपति और बेटा दिव्यांश आग की चपेट में आ चुके थे। इसके बाद भी दंपति ने दिव्यांश को जैसे तैसे बालकनी तक पहुंचा दिया और खुद फंस गए। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद चैनल तोड़कर लोगों ने दोनों को बाहर निकाला।
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आग में झुलसने के बाद मासूम
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद डॉक्टर ने स्नेहा और अक्षत को अस्पताल से छुट्टी दे दी है। रिश्तेदार दोनों को लेकर घर चले गए हैं। हालांकि स्नेहा बार-बार यही पूछती रही कि मम्मी-पापा बच तो जाएंगे न। अक्षत भी काफी डरा हुआ है। शास्त्री नगर में शनिवार देर रात दूध कारोबारी के घर में शार्ट सर्किट से आग लग गई। घर मेें धुआं भरने से सांस लेने में मुश्किल हुई तो सभी की नींद खुली। हालांकि तब तक पूरा घर लपटों से घिर चुका था।
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इसी घर में लगी थी आग
- फोटो : अमर उजाला
जैसे तैसे दंपति और उनके तीनों बच्चों को निकालकर हैलट में भर्ती कराया गया। यहां दंपति और एक बेटे की हालत गंभीर बताई जा रही है। मूलरूप से बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार निवासी वासुदेव गुप्ता (45) शास्त्री नगर में पत्नी मोना (38), बेटी स्नेहा (13) और बेटों दिव्यांश (11) व अक्षत (04) के साथ रहते हैं। नहर पट्टी में उनका दो मंजिला मकान है। पुलिस के मुताबिक शनिवार रात पूरा परिवार पहली मंजिल पर सो रहा था।
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आग में झुलसने के बाद मासूम
- फोटो : अमर उजाला
देर रात करीब ढाई बजे अचानक सभी का दम घुटने लगा। आंखें खुलीं तो देखा सभी लपटों से घिरे थे। शोरशराबा सुनकर और लपटों को देखकर स्थानीय लोग पहुंचे व दमकल को सूचना दी। इस बीच वासुदेव व मोना ने तीनों बच्चों को किसी तरह निकालकर बालकनी तक पहुंचाया। यहां से पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर तीनों को नीचे उतारा। इसके बाद चैनल काटकर दंपति को बाहर निकाला गया। काकादेव इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही वासुदेव ने नया ई-रिक्शा खरीदा था। पुलिस को आशंका है कि रात में वासुदेव इसे चार्जिंग पर लगाकर सोते होंगे। उसी में शार्ट सर्किट होने से आग लगी। मामले की जांच की जा रही है।
आग लगने के बाद घर के बाहर खड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
हैलट के डॉक्टरों के मुताबिक वासुदेव करीब 90 फीसदी और पत्नी मोना 60 फीसदी झुलस चुकी हैं। उनका 11 वर्षीय बेटा दिव्यांश 30 प्रतिशत झुलसा है। वासुदेव व मोना की हालत काफी नाजुक है, जबकि दिव्यांश भी गंभीर है। डॉक्टर ने अक्षत व स्नेहिल की स्थिति ठीक बताई है। घटना के बाद स्थानीय पार्षद ने दमकल को सूचना दी। 10-15 मिनट में दमकल पहुंच तो गई लेकिन गली संकरी होने की वजह से वासुदेव के घर तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में पड़ोसियों ने जद्दोजहद कर आग पर काबू पाया। लोगों का कहना था कि अगर दमकल की गाड़ी घर तक पहुंच जाती तो समय से आग बुझाई जा सकती थी।