नामी पान मसाला राजश्री के सैंपल की जांच में गैंबियर (गुर्दे, लीवर को खराब करने वाला रसायन) का प्रयोग होना पाया गया है। इसी आधार पर प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने इसका प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विक्रेता, वितरक और उत्पादक को नोटिस भेजा है।
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होली में मिलावट के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उन्नाव मौरावां स्थित सुशील ट्रेडर्स की दुकान से राजश्री पान मसाले का सैंपल लिया था। जिला अभिहित अधिकारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि सैंपल की जांच जब लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में कराई गई तो इसमें गैंबियर निकला।
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अभिहित अधिकारी ने बताया कि गैंबियर को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताया गया है। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर विक्रेता, वितरक और उत्पादक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विक्रेता और वितरक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। मामले में एसीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया गया है। वहीं उत्पादक के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से सुझाव मांगा गया है।
वरिष्ठ फिजीशियन डा. बलवीर सिंह ने बताया कि पान मसाला और तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में सही नहीं है। इससे मुहं का कैंसर हो सकता है। वहीं यदि पान मसाले में गैंबियर मिला होता है तो उसके प्रयोग से शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं। इसका असर गुर्दे व लीवर पर भी पड़ता है। अमूमन इसका प्रयोग चमड़ा रंगने के काम आता है। पान मसाले में उत्पादक इसका प्रयोग कत्थे के स्थान पर करते हैं।