अगर बरसात या बाढ़ के कारण किसी का मकान दो दिन भी जलमग्न रहता है तो वह आपदा राहत कोष से मुआवजा ले सकता है। आपदा पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए श्रेणी तय है। इसमें बताया गया है कि किस तरह के पीड़ित को कितना मुआवजा मिलेगा। कानपुर के एडीएम फाइनेंस संजय सिंह चौहान ने बताया कि मुआवजा राशि वितरण के लिए कोई पात्रता तय नहीं है। यह राशि हर पीड़ित को दी जा सकती है।
आगे की 10 स्टाइड्स में पढ़ें - किस श्रेणी के नुकसान पर कितनी सहायता...
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बारिश से भरा पानी
- मौत होने पर परिवार को-चार लाख रुपये
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बारिश से भरा पानी
- घायल होने पर 40 से 60 फीसदी शारीरिक अक्षमता पर-59,100 रुपये
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बारिश में सड़क पर भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
- घायल होने पर 60 प्रतिशत से ज्यादा शारीरिक अक्षमता पर-दो लाख रुपये
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बारिश से भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
- गंभीर चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती होने पर-4300 रुपये
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बारिश में सड़क पर भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
- गंभीर चोट लगने पर एक सप्ताह से ज्यादा अस्पताल में भर्ती होने पर-12,700 रुपये
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बारिश में सड़क पर भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
- प्राकृतिक आपदा के कारण काम न कर पाने पर वयस्क को 60 रुपये और अवयस्क को 40 रुपये प्रतिदिन (राहत कैंप में न रहने पर) -सामान्य अवधि 30 दिन
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बारिश के कारण गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
- पशुओं की मौत-भैंस और गाय-30 हजार रुपये, भेड़ और बकरी-तीन हजार, ऊंट, घोड़ा और बैल-25 हजार रुपये, बछड़ा और पड़वा-16 हजार रुपये
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बारिश के कारण गिरा छप्पर और दीवार
- फोटो : अमर उजाला
- पक्का मकान पूरी तरह नष्ट होने पर-95,100 रुपये
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बारिश से भरा पानी
- पक्के मकान के 15 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर-5200 रुपये
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भारी बारिश के कारण गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
- कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर-3200 रुपये
आगे की स्लाइड में पढ़ें- यह है मुआवजे की प्रक्रिया...
पीड़ित व्यक्ति एडीएम फाइनेंस के दफ्तर में अर्जी दे सकता है। इसके बाद एडीएम फाइनेंस संबंधित तहसील से नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट मंगाते हैं। तहसीलदार नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट संबंधित लेखपाल से बनवाते हैं। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद पीड़ित के खाते में मुआवजा राशि भेज दी जाती है।