यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंट्रल यूपी के कई जिलों में लोगों की जान पर बन आई है। चित्रकूट का एक गांव टापू में तब्दील हो गया है। जहां एक लड़की फंसी हुई है। ग्रामीण बेघर हो गए हैं। जन-जीवन पूरी तरह से बेहाल है। यूपी के हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा, औरैया, इटावा, जालौन में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
विज्ञापन
2 of 5
घरों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। बाढ़ से लोग गांव छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। बाढ़ आने से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं, जिन्हें देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। चुनकी पत्नी कैरा उम्र 65 वर्ष निवासी चिल्लीमल मजरा ओम नगर, रोज की तरह आज सुबह यमुना नहाने घाट पर गयी थी। जो बाढ़ में बह गई।
विज्ञापन
3 of 5
सड़कों पर चल रही नाव
- फोटो : अमर उजाला
भयंकर बाढ़ में जिसका अभी तक पता नहीं चला है। चित्रकूट जिले में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। जिससे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जन-जीवन पूरी तरह से बेहाल हो गया है। नाव की मदद से बचाव कार्य जारी है। यह मामला मऊ व राजापुर तहसील का है।
4 of 5
राहत कार्य में जुटे डीएम एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन द्वारा गांव के लोगों को हर संभव मदद की जा रही है। इटावा में चम्बल और यमुना का जलस्तर बढ़ने से गांव टापू में बदल गए हैं। बस्तियों के साथ गांव के रास्तों ओर सड़कों पर पानी भर गया है, इससे सड़कों पर नाव चल रही हैं। वहीं बांदा में यमुना का जलस्तर बढ़ना जारी है।
केंद्रीय जल आयोग ने इसपर बुलेटिन जारी किया है। चिल्ला घाट में जलस्तर खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर आ गया है। इसके बाद भी बढ़ते रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। औरैया जिले में यमुना नदी का जलस्तर 115.90 मीटर के पार पहुंच गया है। नदी किनारे के गांवों की हालत खराब है।