यूपी में भारी बरसात के बाद गंगा, यमुना, पांडु, मंदाकिनी, सिंधु सहित कई नदियों के उफनाने से औरैया औरैया, जालौन, बांदा, फतेहपुर, हमीरपुर, चित्रकूट जिलों के गांवों में पानी घुस गया है। जलस्तर बढ़ने से जालौन बांदा हाईवे बंद होने के बाद रविवार को कानपुर बांदा मार्ग भी पानी भरने की वजह से बंद कर दिया गया। राजस्थान के धौलपुर बैराज से यमुना में छोड़ा गया 50440 क्यूसेक पानी तबाही मचा रहा है। पांच दिन से लगातार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में 70 सेमी पानी बढ़ा है। हालात को देखते हुए पीएसी को लगाया गया है। राज्यमंत्री ने डीएम और एसपी के साथ शनिवार को बाढ़ के हालात का जायजा लिया और अफसरों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा। यमुना का पानी ललौली, परसेढ़ा और दपसौरा गांव में घुस गया है। ललौली कस्बा में घरों के अंदर पानी पहुंचने लगा है। वहीं, यमुना की सहायक नोन और ससुर खदेरी नदी भी उफान पर हैं।
विज्ञापन
2 of 5
गांव में घुसा पानी
- फोटो : amar ujala
इन दोनों नदियों पर बने पुल बाढ़ में डूब गए हैं। वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। लोग नाव से पार होकर आवागमन कर रहे हैं। दर्जनों गांवों से संपर्क टूट गया है। वहीं, गंगा का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर है। मात्र पांच सेमी पानी बढ़ा है। बाढ़ नियंत्रण रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रहा है। जबकि गंगा नदी चेतावनी निशान से 40 सेमी ऊपर है। बाढ़ को लेकर प्रशासन चौकन्ना है और बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
गांव में घुसा पानी
- फोटो : amar ujala
ललौली क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। ट्रक में जरूरी सामग्री लाद कर जवान ललौली पहुंच गए हैं। नाव, स्टीमर व जरूरी बाढ़ से बचाव के उपकरण लाए गए हैं। उधर, यमुना के बाढ़ का पानी जाफरगंज क्षेत्र के गुगौली गांव के अंदर पहुंच गया है। बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी, डीएम अपूर्वा दुबे ने निरीक्षण किया। बाढ़ नियंत्रण टीम के कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
4 of 5
गांव से पलायन करते लोग
- फोटो : amar ujala
यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण शुक्रवार की रात नदी का पानी नगर पंचायत के वार्ड नम्बर चार व छह के कुछ घरों के करीब आ पहुंचा है। आधा दर्जन घरों के पीछे पानी फिलहाल ठहरा हुआ है। जबकि इन गांवों का रास्ता बंद हुआ है। वहां के ग्रामीण नदी के पानी के बीच से होकर किसी तरह निकल रहे हैं। नगर पंचायत किशनपुर के वार्ड नम्बर छह के कुछ मकान रामलीला ग्राउंड की ओर बने हुए हैं। इसी तरह से वार्ड नम्बर चार के मकान भी ग्राउंड के बराबर पर है।
गांव के बाहर हाईवे पर लगा राहत शिविर
- फोटो : amar ujala
यमुना का पानी शुक्रवार की रात बढ़ता इन मकानों के इर्द-गिर्द आ पहुंचा है। ऐसे में फिलहाल पानी मकान की नीव तक भरा चुका है। अनुमान है कि जिस तरह से पानी बढ़ रहा है, दो दिन में कुछ घर बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इसी क्रम में जिन गांवों का सम्पर्क मार्ग बंद हो चुका है। उनके पास पानी से होकर निकलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। ऐसे में ग्रामीण दिन के उजाले में पानी से होकर किशनपुर आ रहे हैं। शाम होने के बाद लोग जलजमाव वाले रास्ते से नहीं निकल रहे हैं।