कन्नौज के उमर्दा स्थित निचली गंग नहर में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। नहर की सकरी पटरी से गुजर रही सिपाही की कार बाइक सवार को रास्ता देने के प्रयास में अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई। हादसे में सिपाही की पत्नी, दो बच्चे, बहन और भांजे की मौत हो गई। सिपाही, मां, बहन और भांजी को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। सिपाही का पांच माह का भांजा लापता है।
उसकी तलाश के लिए नहर में जाल बंधवाया गया है। एसपी ने एटा से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल)की टीम बुलवाई है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस से झड़प भी हुई। काफी समझाने के सवा पांच घंटे बाद शव उठ सके। हादसा इंदरगढ़ थानाक्षेत्र के उमर्दा कस्बे के पास चटरुआपुर गांव के सामने हुआ।
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कन्नौज दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
ठठिया थानाक्षेत्र के मिरुअनमढ़ा में रहने वाले गौरव भदौरिया (32) पुत्र योगेंद्र भदौरिया प्रयागराज में सिपाही के पद पर तैनात थे। पिछले हफ्ते ही उनका तबादला लखनऊ में हुआ। रविवार को वह अवकाश लेकर घर आए थे। गौरव ने एक माह पहले स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी।
सौरिख के बरेही गांव में रहने वाली मौसेरी बहन की गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गौरव पत्नी पप्पी (27), पुत्री शुभि (5), लाडो (डेढ़ वर्ष), बड़ी बहन मोहिनी (28) पत्नी भानू प्रताप निवासी ऊसराहार इटावा, मोहिनी के पांच माह के बेटे हर्ष, छोटी बहन सोनी (26) पत्नी सुधीर निवासी कमरोल, फर्रुखाबाद, सोनी के 10 साल के बेटे कृष्णा, चार साल की बेटी आयुषी और मां रेखा (55) पत्नी योगेंद्र भदौरिया को साथ लेकर निकले थे।
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- फोटो : अमर उजाला
एक रिश्तेदार को साथ लेने के लिए भदौरियनपुर्वा गांव जाते समय सुबह करीब साढ़े आठ बजे चटरुआपुर गांव के पास हादसा हो गया। गौरव ने बताया कि निचली गंग नहर की पटरी पर सामने से आ रहे बाइक सवार को सड़क सकरी होने के कारण रास्ता देने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई।
पुलिस की तैयारी के लिए दौड़ लगा रहे चटरुआपुर निवासी नीलू ने कार को नहर में पलटते देख पानी में छलांग लगा दी। शोर मचाकर बाकी गांव वालों को बुला लिया। नीलू और ग्रामीणों ने कार को सीधा कर शीशे तोड़े। इसके बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
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- फोटो : अमर उजाला
पांच माह के हर्ष के अलावा कार में सवार सभी नौ लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें पप्पी, लाडो, शुभि, मोहिनी और कृष्णा ने दम तोड़ दिया। गौरव, सोनी, आयुषी और रेखा को गंभीर हालत में मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।
हादसे की जानकारी पर डीएम रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के अलावा इंदरगढ़, ठठिया, तालग्राम, तिर्वा और कन्नौज कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पांच एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी मौके पर आ गईं।
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चीखपुकार के बीच पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया तो परिजन और ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए। परिजनों का आरोप था कि जब नहर से शव निकाले गए तब मोहिनी और लाडो की सांसें चल रही थीं।बचाव कार्य में शामिल नीलू ने बताया कि उसने पहले डायल 112 और एंबुलेंस के लिए 108 पर कॉल की।
इसके बाद उमर्दा चौकी जाकर पुलिस को सूचना दी। काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा तो उसने एसपी को फोन कर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर आई। उमर्दा चौकी से करीब डेढ़ किमी की दूरी तय करने में पुलिस को एक घंटे का वक्त लग गया। पुलिस समय पर आकर घायलों को अस्पताल में भर्ती करा देती तो शायद दो लोगों की जान बच जाती।
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इसी बात से नाराज परिजनों ने हंगामा कर पुलिस से झड़प की। परिजन मांग कर रहे थे कि जब तक लापता बच्चा नहीं मिल जाता, शव नहीं उठने देंगे। लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। डीएम ने नहर विभाग के एक्सईएन को बुलाकर उमर्दा पुल से जाल बंधवाकर बच्चे की तलाश शुरू कराई।
उधर, एसपी ने एटा से एसडीआरएफ की टीम को बुलवा लिया। सूचना पर विधायक उमर्दा कैलाश राजपूत, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव समेत कई नेता मौके पर पहुंच गए। इन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। वह नहीं माने।
जांच और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन और शासन से आर्थिक मदद दिलाने के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। इसके बाद शवों को मेडिकल कालेज भेजा गया। यहां से पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया। कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया था। कार चालक की तरफ के दोनों टायर फटे मिले हैं। अनुमान है कि कार के पलटने पर टायर फटे होंगे। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा रही।
शासन ने मांगी रिपोर्ट, आनन फानन में भेजी
हादसे की जानकारी जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कमिश्नर कानपुर को दी। उधर एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने आईजी को पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद शासन स्तर से हादसे की रिपोर्ट तलब कर ली गई। इसे आनन फानन में भेजा गया। हादसे का कारण बाइक सवार को बचाने में कार के अनियंत्रित होकर नहर में पलटना बताया गया है।