यूपी के जालौन जिले में जेल जाते हुए भी पिता ने ऐसे बोल बोले कि इससे साफ लग रहा था कि उसे बेटी की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। वह बोला कि उसकी बेटी ने काम ही ऐसा किया था, जिससे समाज में बदनामी हो रही थी। इसी वजह से उसे मारना पड़ा। पुलिस ने हत्या में रिपोर्ट तरमीम कर पिता व जीजा समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
2 of 4
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उरई में रेढ़र थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुरा निवासी खुशी (20) पुत्री सतेंद्र सिंह करीब दो सप्ताह पहले अपनी दीदी की ससुराल रेढ़र क्षेत्र के ही ग्राम सुलखना आई थी। वहां उससे मिलने उसके दोस्त आए तो जीजा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें पीटा। उसी दिन शाम को अचानक खुशी लापता हो गई।
विज्ञापन
3 of 4
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को उसका शव रामपुरा के जगम्मनपुर स्थित यमुना नदी में मिला था। इसके अलावा उन युवकों के दोस्त प्रशांत सिंह पुत्र सुनील बाबू निवासी ग्राम दौन कुठौंद ने उसके पिता सतेंद्र, जीजा उपेंद्र उर्फ सोम व उसके पिता रामअवतार उर्फ रामू और चाचा राघवेंद्र सिंह के खिलाफ युवकों के साथ मारपीट व खुशी को लापता करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शव मिलते पुलिस ने पिता सतेंद्र, जीजा उपेंद्र व रामअवतार को गिरफ्तार कर लिया। उन लोगों को खुशी की हत्या करने की बात कबूल ली। शनिवार को जेल जाने से पहले खुशी के पिता सतेंद्र ने ऐसी बात कही कि पुलिस भी स्तब्ध रह गई। उसने कहा कि खुशी ने ऐसा काम ही किया था कि जिससे समाज में बदनामी हो रही थी, इसलिए उसे मारना पड़ा। पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ हत्या में रिपोर्ट तरमीम कर सभी को जेल भेज दिया है।