कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं और भगवान के इसी अवतार के सम्मान प्रकट करने के लिए धरती पर एक जूलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इस पर उनकी कार्यशैली जिसमें रात हो या दिन.. ड्यूटी पर रहते हुए ही नहीं, ड्यूटी के बाद भी..। मरीज कौन हैै.., गरीब है.. अमीर हैै, उसका मजहब क्या है। कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके कदम बढ़ चलते हैं। एक ही मकसद सिर्फ मरीज के दर्द को दूर करना। तभी तो लोग इनको धरती में भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। समाज के लिए वह रोल मॉडल हैं। इस डॉक्टर्स डे पर यूपी में औरैया जिले के कुछ ऐसे ही ही डॉक्टरों पर पेश है एक रिपोर्ट-