फतेहपुर तिहरा हत्याकांड के मुख्य आरोपी की भांजी मृतकों के परिवार के पास पहुंची और हाथ जोड़कर बोली कि मामा को माफ कर दो। पुलिस के दबिश देकर बहन को उठाने पर मुख्य आरोपी की भांजी भागते हुए पीड़ित परिवार के पास पहुंची थी।
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प्रधान रामदुलारी से हाथ जोड़कर माफी मांगती साक्षी
- फोटो : संवाद
फतेहपुर में पुलिस के भारी दल बल के बीच पीड़ित परिवार के घर फरार हत्यारोपी की भांजी बिलखते हुए पहुंच गई। वह दिवंगत पप्पू सिंह की प्रधान मां रामदुलारी और अन्य परिजनों के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गई। वह बोली कि उसका मामा ज्ञान सिंह घटना में शामिल नहीं था। वह प्रधान के सामने बिलखने लगी। हालांकि, उसे महिला झिड़कती नजर आई। यह देखकर महिला पुलिस दौड़कर पहुंची। पुलिस साक्षी को मौके से उठा ले गई और उसके घर छोड़कर आई।
दरअसल, मामले को लेकर महिला पुलिस ने ज्ञान सिंह के घर में दबिश दी। हत्यारोपी की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए पुलिस उसकी बहन मुकुन सिंह को पकड़ ले गई। बहन को पकड़ने के बाद बुलडोजर कार्रवाई चालू हो गई। यह सब देखकर साक्षी भयभीत हो गई और मां को बचाने के लिए पीड़ित परिवार के ही घर पहुंच गई। बड़ी बात यह रही कि साक्षी हत्यारोपी की भांजी है। पूरे गांव समेत दोनों पक्षों के घरों में पुलिस बल तैनात रहा। इसके बाद भी वह सुरक्षा को भेदती दिवंगत के घर पहुंच गई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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32 वोट से हारा था मुन्नू सिंह
चुनाव में करीब 2000 मतदाताओं ने मतदान किया था। प्रतिद्वंद्वी मुन्नू सिंह और पप्पू सिंह ही थे। दोनों के बीच कड़े मुकाबले के बाद मुन्नू सिंह को 32 वोटों से हार स्वीकार करनी पड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि मुन्नू सिंह ने चुनाव में पुलिस प्रशासन, धन व बल का प्रयोग किया था। इसके बाद भी उसे हारना पड़ा था।
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मौके पर तैनात पुलिस
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पुलिस को लापरवाही पड़ न जाए भारी
फतेहपुर तिहरे हत्याकांड मामले को लेकर डीजीपी से लेकर सीएम तक सख्त हैं। दोनों पल-पल की जानकारी ले रहे। एडीजी से भी कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किए गए हैं। इतने बड़े हत्याकांड की पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। वहीं, पहले भी हो चुके मारपीट को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं। इसकी गाज किसी पर गिर सकती है।
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मौके पर मौजूद डीएम और एसपी
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थानाक्षेत्र हथगाम के गांव अखरी में प्रधान रामदुलारी के पुत्र विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह, अनूप सिंह, विनोद सिंह के पुत्र अभय सिंह को मंगलवार सुबह गांव के ही पूर्व प्रधान सुरेश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह, पुत्र पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस तिहरे हत्याकांड की गूंज राजधानी तक पहुंच गई है। सीएम योगी और डीजीपी प्रशांत कुमार मामले की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने एडीजी भानू भास्कर से घटना के बाद कई बार बातचीत की।
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Fatehpur Triple Murder
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पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा
उनके निर्देश पर एडीजी मंगलवार रात दोबारा खागा पहुंचे। उन्होंने ही आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर योजना तैयार की। आरोपियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया गया। वे बुधवार अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे प्रयागराज रवाना हुए। उन्होंने प्रधान पुत्र के साथ पुरानी मारपीट व अन्य मामलों की भी जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा नहीं।
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Fatehpur Triple Murder
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आरोपी पक्ष पहले भी कई वार आमने-सामने आ चुके थे। कुछ महीने पहले पप्पू से मारपीट भी की थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों पर एक सफेदपोश नेता का संरक्षण की भी चर्चा रही। उनकी वजह से ही आरोपी पक्ष मनबढ़ हो गया था। पुलिस की चूक पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वहीं, घटना के बाद आईजी प्रेम कुमार बुधवार को हथगाम थाना पहुंचे, वहां से घटनाक्रम की निगरानी करते रहे। दाह संस्कार के बाद प्रयागराज रवाना हुए।
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मुन्नू सिंह की राइफल 2021 से जमा
2021 में प्रधानी चुनाव हारने के बाद मुन्नू सिंह ने सड़क निर्माण को पूरा कर रकम का भुगतान कराने का प्रयास किया था। इसका पप्पू सिंह ने विरोध किया था। उस समय पप्पू की मां का शपथ ग्रहण नहीं हुआ था। विवाद पर मुन्नू सिंह पक्ष ने फायरिंग की थी। फायरिंग के बाद मुन्नू सिंह की रायफल पुलिस ने जमा कर ली थी। इसके पहले मुन्नू सिंह के पास लाइसेंसी बंदूक थी। बंदूक भी एक आपराधिक मामले में निरस्त हो चुकी है।
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गांव में बैठे किसान संगठन के लोग।
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जनप्रतिनिधि नजर नहीं आए
घटनाकांड में सपा व भाकियू नेताओं को छोड़कर पीड़ित परिवार का हाल जानने कोई नहीं पहुंचा। मौके पर हुसैनगंज विधानसभा के सपा नेता पप्पू सिंह व अन्य जिले के सपाई पहुंचे।
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पप्पू के बहनोई इंस्पेक्टर
दिवंगत पप्पू की दो बहनें सुनीता व नीलम हैं। घटना से बहनों का हाल बेहाल दिखा। बहन सुनीता के पति का धीरेंद्र बहादुर सिंह का बड़ा भाई बृजेंद्र बहादुर सिंह इंस्पेक्टर हैं। उनकी तैनाती सुल्तानपुर जिले में होना बताया जा रहा है।
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तहरीर वायरल पर एक युवक को बैठाया
घटना की शिकायत लिखे जाने के बाद एक युवक ने तहरीर वायरल कर दी। तहरीर वायरल होने का पता लगने पर पुलिस ने युवक को थाने में बैठाया। पुलिस को पता लगा कि वायरल तहरीर आरोपी पक्ष के पास पहुंची है।
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घटनाक्रम
मंगलावर रात 11:00 बजे तीनों शवों के हुए पोस्टमार्टम।
भोर 4:00 बजे पोस्टमार्टम के बाद अखरी गांव पहुंचे शव।
12:00 बजे डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे।
12:20 बजे भाकियू युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह पहुंचे।
2:00 बजे भाकियू नेताओं व प्रशासन के बीच पंचायत हुई।
3:00 बजे मांग पूरी किए जाने पर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
4:00 बजे शव यात्रा उठी।
4:30 बजे मुखाग्नि दी गई।
चुनावी रंजिश में प्रधान के दो पुत्रों व एक पौत्र की गोली मारकर हत्या
यूपी के फतेहपुर जिले में तिहरे हत्याकांड से सनसनी फैल गई। हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव में यह वारदात मंगलवार को हुई। ग्राम प्रधान के दो बेटों और पौत्र की मंगलवार सुबह खेत जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई है। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया। मृतकों में एक भाकियू टिकैत गुट का जिला उपाध्यक्ष था।