फर्रुखाबाद में स्वाट टीम के सिपाही सोलर प्लेट से कमरे की बैटरी से जुडेे़े तार नहीं काटते तो सुभाष को धमाके करने से कोई नहीं रोक पाता। हालांकि सिपाहियों ने तार बिजली गुल करने के लिए काट दिया था। अब सुभाष के खात्मे के बाद पुलिस ने मकान में बारीकी से जांच की तो बैटरी के तार व सोलर प्लेट के तार एक जैसे देखकर दंग रह गई। सुभाष ने घर के चारों ओर के अलावा छत पर भी बम लगाए थे।
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
वह योजना के तहत धमाके करना चाहता था पर तार कटने से उसका मंसूबा फेल हो गया। मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया में सुभाष बाथम ने 25 बच्चों के अपहरण से पहले सोलर प्लेट के लो वोल्टेज करंट से धमाके करने के पूरी योजना तैयार की थी। इसको लेकर घर के चारों ओर बम जमीन व किसी सामान के नीचे दबाकर तार को छिपाते हुए डेटोनेटर से कनेक्ट करके बैटरी से जोड़ा था।
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सिरफिरे ने 11 घंटों तक 23 बच्चों को बना रखा था बंधक
- फोटो : amar ujala
बैटरी को चार्ज करने के लिऐ सोलर प्लेट से तार जोड़कर पूरी तैयारी कर ली थी। गुरुवार को जब 25 बच्चों के बंधक बनाने की जानकारी पुलिस महकमे को हुई तो हड़कंप मच गया था। स्वाट टीम के सिपाही शाम को सुभाष की छत पर हाथों में असलहे लेकर मोर्चा संभाले थे। सोलर प्लेट से चार्ज हुई बैटरी से सुभाष ने लाइट जलाकर रोशनी कर रखी थी। बैटरी छोटी होने से वह जल्द डाउन हो गई।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले सुभाष ने डेटोनेटर के जरिये बैटरी के करंट से बाहर धमाका किया था। उसमें कोतवाल राकेश व दीवान घायल हो गए थे। रात में सुभाष ने धमाके करने का प्रयास किया, लेकिन करंट न होने से अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया। सुभाष के खात्मे के बाद पुलिस ने छत से उतरकर मकान का निरीक्षण किया। यहां फैले तारों के जाल को देख अफसर दंग रह गए। सुभाष ने कुछ बड़ा करने की तैयारी की थी।
‘जहां खड़े हो वहीं धमाका करके दिखाऊं’
सुभाष ने पुलिस को छत व दीवार पर खड़ा देखकर कई बार अंदर से आवाज लगाई कि अगर तुम लोग पीछे नहीं हटे तो जहां पर खड़े हो वहीं पर धमाका करके दिखा सकता हूं। इस पर पुलिस पीछे हट गई। रात में 12 बजे तक सुभाष धमकी देता रहा और उसने भीड़ की आहट जानकर धमाका करने का प्रयास भी किया पर सफल नहीं हो सका था।