बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का अचानक दुनिया से चले जाना उनके प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। यूं तो वह कानपुर सिर्फ दो बार आईं थीं, लेकिन अपने सरल व्यक्तित्व से उन्होंने अपने प्रशंसकों पर गहरी छाप छोड़ी हैै। उनके प्रशंसकों का कहना है कि सदमा, चांदनी, मिस्टर इंडिया, चालबाज, लाडला, इंग्लिश-विंग्लिश, मॉम जैसी कई सुपरहिट फिल्मों के जरिये वे हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी।
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बोनी कपूर के साथ कानपुर आईं थीं
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श्रीदेवी के निधन पर प्रशंसकों ने जताया शोक
फिल्म 'पुकार' के प्रमोशन के लिए वह अपने पति और फिल्म निर्माता बोनी कपूर के साथ कानपुर आईं थीं। वर्ष 1999 में फिल्म का प्रीमियर शो गुरुदेव पैलेस में हुआ था, जिसमें उनके और बोनी कपूर के अलावा माधुरी दीक्षित, नम्रता शिरोडकर और अनिल कपूर भी शामिल हुए थे।
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श्रीदेवी के निधन पर प्रशंसकों ने जताया शोक
गुरुदेव पैलेस के मालिक गुरुदेव सिंह बताते हैं कि उस समय श्रीदेवी की एक झलक पाने के लिए लोग बेकरार हो पड़े थे। जब उनकी मुलाकात श्रीदेवी से हुई, तो ऐसा लगा ही नहीं कि वे इतने बड़े सितारे के सामने बैठे हैं। बेहद मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थीं श्रीदेवी। इसके बाद साल 2000 में अपने पति बोनी कपूर के साथ वह फिर कानपुर आईं थीं।
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श्रीदेवी के निधन पर प्रशंसकों ने जताया शोक
इस बार भी उनके आने का मकसद फिल्म प्रमोशन था। वह यहां के एक पांच सितारा होटल में ठहरी थीं और रेव थ्री में आयोजित प्रमोशन में शामिल हुईं थीं।
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श्रीदेवी के निधन पर प्रशंसकों ने जताया शोक
स्वरूप नगर में रहने वाली फैशन डिजाइनिंग की छात्रा आशी तिवारी का कहना है कि वे श्रीदेवी की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। उनकी मौत से बहुत दुख पहुंचा है। आवास-विकास कल्याणपुर निवासी बीटेक छात्र ऋषभ पांडेय के मुताबिक जब उन्हें पता लगा कि श्रीदेवी अब दुनिया में नहीं हैं, तो उन्हें सदमा जैसा लगा।
रंगकर्मी डॉ. ओमेंद्र वर्मा ने कहा कि पिछले साल लखनऊ में मेरी मुलाकात श्रीदेवी से हुई थी। फिल्म जूली में उनके अभिनय की तारीफ की, तो वे बोलीं की उस वक्त बहुत छोटी थीं। उनसे मिलकर ये बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि किसी सुपरस्टार से मिले हैं। वे बहुत ही सहज स्वभाव की थीं।