उत्तर प्रदेश के 25 स्कूलों में फर्जी तरीके से नौकरी करने के मामले से सुर्खियों में आई फर्जी शिक्षिका 'अनामिका शुक्ला' ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा रखा है। हर रोज पकड़े जा रहे फर्जी शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
अनामिका, दीप्ति, प्रीती समेत नौ नाम के किस ब्लाक में और कौन से विद्यालय में शिक्षक तैनात हैं, इसका पूरा विवरण बीएसए ने बीईओ से 16 जून की शाम तक मांगा था। शनिवार शाम तक किसी बीईओ ने इसकी सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
अनामिका शुक्ला प्रकरण खुलने के बाद दूसरे के अभिलेखों से नौकरी करने के और मामले उजागर होने लगे हैं। इसको गंभीरता से लेकर बीएसए लालजी यादव ने अनामिका शुक्ला, दीप्ति, प्रीती यादव, विभव कुमार, सुशील कुमार कौशल, रीना सिंह, अंजली, पुष्पेंद्र व जसवंत के नाम से किस ब्लाक के किस विद्यालय में शिक्षक तैनात हैं उनका पूरा विवरण और शैक्षिक प्रमाण पत्रों के साथ रिपोर्ट 16 जून की शाम तक बीईओ से मांगी थी।
चार दिन बीतने के बाद भी किसी बीईओ ने सूची उपलब्ध नहीं कराई है। सूत्र बताते हैं कि कायमगंज ब्लाक क्षेत्र में सुशील कुमार व पुष्पेंद्र के नाम के शिक्षक हैं, लेकिन उनके पते व पिता के नाम पकड़े गए मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र से भिन्न हैं। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि बीईओ को जल्द सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के आदेश दिए जाएंगे।
बता दें कि कासगंज पुलिस ने एक युवती को छह जून को गिरफ्तार किया था। युवती अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के पद पर नौकरी कर रही थी। बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) ने शिक्षिका के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था।जिसके बाद वो अपना इस्तीफा देने आई थी।