कानपुर के सर्वोदय नगर में एक निजी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद भी ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से लाखों रुपये की वसूली कर ली गई। सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों की इस करतूत का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। न ही पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखा है। इलाहाबाद निवासी रोहित (18) निजी कंपनी में असिस्टेंट फिटर का काम करता था। यह कंपनी कानपुर-फर्रुखाबाद रेल लाइन पर विद्युतीकरण का काम कर रही है।
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बुधवार सुबह कंपनी के 12 कर्मचारी काम के लिए पिकअप से साइट पर जा रहे थे। बिल्हौर में जीटी रोड पर एक्सीडेंट में रोहित घायल हो गया। कंपनी के मैनेजर हर्षित ने उसे सर्वोदय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मैनेजर का आरोप है कि डॉक्टरों ने गुरुवार को ऑपरेशन के नाम पर उनसे दो बार में 3.30 लाख रुपये जमा कराए। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे कंपनी के कर्मचारी जब उसे देखने आईसीयू पहुंचे तो डॉक्टरों ने मौत की जानकारी दी।
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पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट में बुधवार रात ही रोहित की मौत होने की बात कही है। अस्पताल से पुलिस को भेजे जाने वाली सूचना (मेमो) में मौत का वक्त शुक्रवार सुबह लिखा है। यानी मौत के बाद भी पैसा लिया जाता रहा।
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पेट के अंदर रुई के 28 टुकड़े मिले
पोस्टमार्टम के दौरान रोहित के पेट की ऊपरी परत कटी पड़ी थी। टांके के बजाय उस पर टेप चिपकाया गया था। टेप हटाने पर उसके पेट के अंदर दो बाई दो के कॉटन (रुई) के 28 टुकड़े भी मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित की मौत ज्यादा खून बहने से हुई है।
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि रोहित जिंदा था तो उसके पेट में कॉटन कैसे रह गया। अगर वो मर गया था तो आईसीयू में क्यों रखा गया था। बिल्हौर थानाप्रभारी ने बताया कि रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। रविवार को उसे खोल कर देखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।