'तुझमें क्या सुर्खाब के पर लगे हैं'। इस कहावत से हर कोई वाकिफ भी होगा। इसकी वजह यह है कि सुर्खाब देश का सुंदरतम पक्षी माना जाता है। भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की टीम गंगा किनारे रहने वाले इसी तरह के पक्षियों की खोज करने निकली है। एक सप्ताह बाद यह कानपुर भी पहुंचेगी। सोमवार को वन्य जीव संस्थान की एक दूसरी टीम यहां गंगा के जल का परीक्षण कर चुकी है। पिछली बार यहां आई टीम को काफी निराश होना पड़ा था। टीम की रिपोर्ट में बताया गया था कि सुर्खाब जैसे पक्षियों और गंगा में पाए जाने वाले जलीय जंतुओं का कानपुर में गंगा से दूर-दूर तक का रिश्ता नहीं है। प्रदूषण को इसकी प्रमुख वजह मना गया था।