महोबा जिले के श्रीनगर में विकास खंड कबरई के सलारपुर गांव में एक किसान ने पशु प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। उसने अपनी पालतू कुतिया के पांच पिल्लों की छठी (कुआं पूजन) विधि-विधान से की। बैंडबाजों के साथ नाच गाने का प्रोग्राम हुआ।
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किसान ने पालतू डॉगी के बच्चों की मनाई छठी
- फोटो : अमर उजाला
रिश्तेदार व ग्रामीण कार्यक्रम के साक्षी बने। इस दौरान दो सैकड़ा लोगों को निमंत्रण देकर सब्जी पूड़ी खिलाई गई। किसान के इस पशु प्रेम की चर्चा लोगों की जुबां पर रही। सलारपुर गांव निवासी श्रीपत अहिरवार के पास सात बीघा भूमि है। जिसमें खेती-किसानी करके वह परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
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किसान ने पालतू डॉगी के बच्चों की मनाई छठी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने एक कुतिया पाल रखी है। जिसका नाम चंपी रखा है। चंपी ने कुछ दिन पहले पांच पिल्लों को जन्म दिया था। शनिवार की रात श्रीपत ने छठी कार्यक्रम की सभी तैयारियां की। रिश्तेदारों के अलावा पूरे गांव को निमंत्रण दिया। छठी कार्यक्रम में कुआं पूजन भी रखा गया। जिसमें गांव की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान अश्वनृत्य के साथ बैंड बाजों की गूंज रही। जिसमें ग्रामीण जमकर थिरके। सबसे पहले कन्याओं को भोजन कराया गया।
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बैंड बाजों की धुन पर जमकर थिरके लोग
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद गांव के करीब 200 लोगों ने दावत का लुत्फ उठाया। गांववालों व रिश्तेदारों ने उपहार भी भेंट किए। श्रीपत और उसकी पत्नी गंगा देवी ने बताया कि चंपी जब गर्भवती हुई थी। तब उन्होंने छठी व चौक कार्यक्रम धूमधाम से मनाने की रणनीति बनाई थी। तीन साल से चंपी उनके परिवार के सदस्य की तरह हो गई है।
खेत व बाहर से आने से वह दौड़कर उनके पास आती है। दंपति ने बताया कि उन्होंने चंपी को अपने बच्चे की तरह पाला। अब उसके बच्चे होने पर हमने भी अपना फर्ज निभाया है। जब चौक व छठी समारोह बच्चों का हो सकता है तो पशुओं का क्यों नहीं। वह पशुुओं से विशेष प्रेम रखते हैं।