चुनाव से ठीक पहले देश में आतंकी घटनाओं का एक शेड्यूल सा बनता जा रहा है। उड़ी, पठानकोट के बाद अब पुलवामा की आतंकी घटना लोकसभा चुनाव के ठीक पहले होती है। ऐसा क्यों होता है कांग्रेस तो संशय में है ही इस बाबत देश को भी गंभीरता से सोचने की जरूरत है। ये बात गुरुवार को हरदोई के आंबेडकर पार्क में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में अमेठी से आए पूर्व मंत्री व राज्यसभा सदस्य डॉ. संजय सिंह ने कही।
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लोकसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने आए पूर्व मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने जो वायदे जनता से किए वह तो पूरे नहीं किए लेकिन जो दिया वह बहुत घातक रहा। उन्होंने बिना कोई आरोप लगाए पुलवामा की आतंकी घटना पर भी प्रश्न चिह्न लगाया। कहा कि कांग्रेस भी इस पर गंभीरता से सोच रही है कि आखिर चुनाव जब भी होते हैं उससे ठीक पहले ही उड़ी, पठानकोट और अब पुलवामा जैसी घटनाएं क्यों होती हैं।
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यह प्रश्न पूरे देश के सामने हैं इसपर देश को भी गंभीरता से मनन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में सबसे पहले स्ट्राइक इंद्रिरा गांधी के समय में हुई थी जब एक लाख पाक सैनिकों को सरेंडर करवाया गया था लेकिन उसका उस समय भी गुणगान व बखान मीडिया में नहीं किया गया लेकिन अब भाजपा सरकार में ठीक चुनाव के पूर्व स्ट्राइक होती है उसका खूब प्रचार प्रसार होता है और उस पर वोट मांगे जाते हैं लेकिन अब जनता सब जान चुकी है।
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उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक फौजी रहे हैं। यह सभी सीक्रेट मिशन होते हैं, उनका बखान टीवी अखबारों में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जनरल नालेज बहुत कमजोर है। वह अधिकांश सभाओं में यही कहते हैं कि कांग्रेस ने 50 से 60 सालों में किया क्या है। जब वह अब तक नेहरू गांधी परिवार के देश के प्रति किए गए समर्पण को नहीं जान पाए तो फिर उन्हें कोई समझा भी नहीं पाएगा।
सांसद ने कहा कि नेहरू गांधी परिवार से भले ही भाजपा को एलर्जी हो पर देशभर को इस परिवार से आस्था है और एक बार फिर उसी परिवार मेें आस्था जताकर कांग्रेस को वापस लाने वाला है। सम्मेलन को कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रमोद सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अंशू अवस्थी, लोकसभा चुनावी प्रभारी दिनेश पटेल ने भी संबोधित किया।