अप्रैल में 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुके तापमान से संक्रामक रोगों का हमला तेज हो गया है। लोग अब हीट स्ट्रोक का भी शिकार होने लगे हैं। शुक्रवार को तेज गर्मी से पांच लोग हीट स्ट्रोक का शिकार होकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार भीषण गर्मी में छोटी सी लापरवाही हीट स्ट्रोक का शिकार बना सकती है।
विज्ञापन
2 of 4
तेज धूप में चेहरे को कपड़े से ढककर जाती युवती
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। तेज धूप से दोपहर होते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। वहीं तेज धूप व तापमान में बढ़ोतरी से कानपुर के गोविंदनगर निवासी विष्णु (57), शहर के सिविल लाइंस निवासी गोविंद (42), अंकित (24), कपिल गुप्ता (31) व अजय (29) हीट स्ट्रोक का शिकार हो गए। हालत बिगड़ने पर इन्हें अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों के अनुसार तेज धूप में निकलने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाता है। ऐसे में तेज धूप में निकलने से बचा जाए। जरूरी काम होने पर छाता लगाकर या शरीर को ढककर ही घर से बाहर निकलें।
विज्ञापन
3 of 4
डेमाे पिक
क्या है हीट स्ट्रोक ...?
फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि मनुष्य के शरीर से अत्यधिक गर्मी या तापमान पसीने के रूप में बाहर निकलता है। इससे शरीर का तापमान अनुकूल बना रहता है। हीट स्ट्रोक का शिकार होने पर शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रहता। वह बढ़ने लगता है। अधिक तापमान बढ़ने पर व्यक्ति बेहोश हो जाता है। फौरन इलाज न मिलने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
कैसे करें बचाव...?
-तेज धूप में निकलने से बचें।
-निर्जलीकरण से बचने के लिए खूब पानी पीएं।
-चाय-काफी से करें परहेज।
-फल व नारियल पानी का सेवन जरूर करें।
-कच्चे आम के रस का सेवन भी होता है फायदेमंद।
-नमक, पानी व शक्कर का घोल पीएं।