भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ नेता जीवीएल नरसिम्हा राव पर जूता फेंकने वाले शक्ति भार्गव शुक्रवार को कानपुर में अपने घर पहुंचे। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस की एक टीम उनको यहां छोड़ने आई थी। घर पहुंचकर भार्गव ने ऐसा कदम उठाने के पीछे अपना पक्ष रखा। इस दौरान साफ तौर पर उनके निशाने पर केंद्र सरकार की नीतियां रहीं।
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डॉ. शक्ति भार्गव
- फोटो : अमर उजाला
शक्ति भार्गव का कहना है कि पिछले तीन साल में भाजपा सरकार में 14 कर्मचारियों ने आत्महत्या कर ली। इसकी वजह ये थी कि वो आर्थिक तंगी बर्दाश्त नही कर सकते थे। सरकार और उनके अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों की आत्महत्या पर ध्यान नहीं दिया वो हमारी प्रॉपर्टी की चिंता क्यों कर रहे हैं। भार्गव ने कहा कि वो अपनी नाकामी छिपाने के लिए हमारे ऊपर आरोप मढ़ रहे हैं।
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डॉ. शक्ति भार्गव
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भार्गव ने जूता कांड पर सफाई देते हुए कहा कि अपनी बात को सरकार के सामने अलग ढ़ंग से रखने के लिए ऐसा कदम उठाया। डॉ. शक्ति भार्गव ने कहा कि पुलिस, सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के पास जाने के बजाय कुछ अलग तरीका अपनाना ज्यादा बेहतर है।
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डॉ. शक्ति भार्गव
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. शक्ति भार्गव ने कहा कि पीएमओ को कई पत्र लिखे। 2015 में कई पत्रों के जवाब भी आए जिसमें लिखा था कि तीन महीने में जांच पूरी हो जाएगी।
डॉ. भार्गव ने कहा पीएमओ जाकर उनके सेक्रेटरी को पूरी को पूरी बात बताई जिसके बाद उन्होंने मदद का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। बस इसलिए सरकार से नाराजगी है और ये कदम उठाया।