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जुड़वां नवजातों को हड़ताल का हथियार बनाकर डॉक्टरों ने किया ये काम, आखिर ये कैसी मानवता, तस्वीरें

Tue, 18 Jun 2019 04:52 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जुड़वां नवजातों को बनाया हड़ताल का हथियार - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल में हुई घटना के बाद डॉक्टरों की इस हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों में हाहाकार मचा है। वहीं जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से संबद्ध हैलट अस्पताल में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो आपको अंदर तक झकझोर देगा। धरती के भगवानों का यह अमानवीय कार्य भी जान लीजिए।



 
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डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के परिजनों में मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला
यहां डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान जच्चा-बच्चा अस्पताल में जुड़वां नवजातों को काले कपड़े पहनाने के साथ आंदोलन संबंधी पोस्टर पर लिटाकर विरोध जताया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि इसके लिए उन्होंने परिजनों से सहमति ली थी। 
 
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डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के परिजनों में मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार जुड़वां नवजातों का जन्म रविवार को ही हुआ है। हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की करनी की वजह से ये नवजात आंदोलन का औजार बन गए। 

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डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के परिजनों में मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला
वहीं हैलट ओपीडी के ठीक पीछे, चिलकती धूप में दोपहर डेढ़ बजे सिंहपुर बिठूर की शिवदेवी अपनी बहन की बेटी रजनी (16) की हालत देख-देखकर बिलखती रहीं। एप्रन पहने हुए एक जूनियर डाक्टर निकला तो उससे कहने लगीं कि ‘मेरी बिटिया की सांस फूल रही है, अरे, कोई डाक्टर देख ले।’ लेकिन वह चुपचाप निकल गया।
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डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के परिजनों में मचा हाहाकार - फोटो : अमर उजाला
बताया कि रजनी को लेकर सुबह पौने दस बजे आईं थी, ओपीडी में गए तो डाक्टर भगा रहे थे। कह रहे थे कि यहां कुछ नहीं होगा, जाओ यहां से। इसके बाद चैनल के गेट पर ताला लगा दिया गया। 
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