कानपुर महानगर में डॉक्टर ने एक महिला की हंसती-खेलती जिंदगी तबाह कर दी। इससे महिला ही नहीं बल्कि उसके दांपत्य जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। डॉक्टर की लापरवाही से उसका वैवाहिक जीवन बर्बाद हो गया है। पति-पत्नी मानसिक परेशान रहते हैं।
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कानपुर में एक महिला ने राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष से अजब-गजब शिकायत की है। आरोप लगाया है कि महिला डॉक्टर ने उसे पति से शारीरिक संबंध बनाने लायक नहीं छोड़ा है। गर्भपात के दौरान डॉक्टर ने उसका एक अंग काट दिया। इस कारण अब उसकी शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा नहीं होती है। इससे उसके पति नाराज रहते हैं।
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घाटमपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 19 अक्तूबर 2018 को आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि गर्भवती होने के कारण वह अपने मायके में रह रही थी। पिछले साल 26 जनवरी को रक्त बहने पर उसे यशोदा नगर स्थित एक अस्पताल में दिखाया गया।
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महिला डॉक्टर ने बताया कि उसके गर्भ में शिशु की मौत हो गई है। इसलिए गर्भपात करना पड़ेगा। डॉक्टर ने गर्भपात के दौरान बिना वजह उसका एक अंग काट दिया। इससे उसे पति से शारीरिक संबंध बनाने की अनिच्छा होने लगी।
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महिला के मुताबिक डॉक्टर की लापरवाही से उसका वैवाहिक जीवन बर्बाद हो गया है। इस वजह से दंपति मानसिक परेशान रहते हैं। आयोग ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जांच का आदेश दिया है। एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने 11 जनवरी को सीएमओ को पत्र लिखकर जांच को कहा है। कहा गया है कि संबंधित डॉक्टर का पक्ष लेते हुए जांच कर रिपोर्ट दी जाए। यह जांच रिपोर्ट महिला आयोग को भेजनी है।
जीएसवीएम के स्त्री रोग विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मीरा अग्निहोत्री का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। बिना यह जाने कि कौन सा अंग डैमेज हुआ या काटा गया, कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। हालांकि यह आरोप अविश्वसनीय है। ऐसे मामलों की जांच डॉक्टरों का पैनल करता है। इसके बाद किसी नतीजे पर पहुंचता है।