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यूपी: खादी और खाकी की मेहरबानी से बचता रहा हिस्ट्रीशीटर, जानिए कौन है मनोज जिसके लिए पुलिस से भिड़े भाजपाई

Thu, 03 Jun 2021 01:42 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह - फोटो : अमर उजाला
पुलिस और नेताओं से साठगांठ के चलते हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह के हौसले बुलंद होते चले गए। थाने से महज 100  कदम की दूरी पर मकान होने के बाद भी पुलिस उसपर हाथ नहीं डालती थी। यही नहीं वह इलाके में होनेे वाली छोटी मोटी घटनाओं का चौकी में सुलह भी करवाता था। मनोज सिंह ने वर्ष 2007 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। बर्रा पुलिस ने उसके खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। इसके बाद उसने वर्ष 2008 में एक युवक को जान से मारने का प्रयास किया था। जिसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। एक साल बाद जेल से छूटने के बाद वर्ष 2010 से 2013 में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए। जिसमें से दो मुकदमे जान से मारने के प्रयास के थे। वर्ष 2014 में उसके खिलाफ बर्रा थाने में मारपीट, धमकी, दुष्कर्म व एससीएसटी की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी।
 
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पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2015 से 2021 तक मनोज सिंह के खिलाफ लूट, रंगदारी, चोरी, जान से मारने का प्रयास समेत अन्य धाराओं में कई मामले दर्ज हुए हैं। हाल ही में उसके खिलाफ बर्रा थाने में चोरी, हत्या का प्रयास समेत अन्य मामला दर्ज हुआ था।

 
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पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला - फोटो : अमर उजाला
जिसमें वह वांछित चल रहा था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक तीन जनवरी 2021 को एडीजी एससीएसटी एक्ट ने दलित युवती से मारपीट, धमकी और दुष्कर्म के मामले में हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को 10 साल की सजा सुनाई थी। जमानत लेकर वह बाहर था। हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आरोपी पुलिस से बचता रहा। 

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भाजपाइयों ने पुलिस पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाया - फोटो : अमर उजाला
हिस्ट्रीशीटर के लिए भाजपाई पुलिस से भिड़े
कानपुर बुधवार को हुआ हंगामा जितना बड़ा था, उतना ही बड़ा राजनीति और अपराधी के बीच गठजोड़ का नजारा भी। यहां चल रही एक भाजपा नेता की बर्थडे पार्टी में हिस्ट्रीशीटर मेहमान बनकर आया। उसकी मेहमाननवाजी शुरू हो पाती, उससे पहले ही सटीक सूचना पर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने उसे गेस्ट हाउस के बाहर ही दबोच कर जीप में बैठा लिया। इसपर मेजबान नेता जी तमतमाते हुए समर्थकों संग बाहर आए और पुलिस के साथ धक्कामुक्की व गाली-गलौज करते हुए जीप के आगे बैठ गए। इस बीच कुछ समर्थकों ने भीड़ का फायदा उठा हिस्ट्रीशीटर को जीप से उतारकर भगा दिया।
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भाजपाइयों ने पुलिस पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाया - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के लिए मुसीबत
कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जहां कमिश्नरी पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है वहीं, सत्ता पक्ष की आड़ लेकर गलत काम करने वाले भी सक्रिय हैं। हाल ही पकड़े गए नकली एंटी फंगल इंजेक्शन बेचने वाले भी सत्ता पक्ष से खुद को जुड़ा बताते थे। इस प्रकरण के बाद बीजेपी के बड़े नेताओं ने पुलिस अफसरों से साफ कहा कि गलत करने वालों पर कोई रहम न किया जाए। 
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