डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी। बदलते लाइफस्टाइल में यह रोग इतनी तेजी से फैल रहा है कि ज्यादातर लोग इसकी चपेट में आते चले जा रहे है। यह रोग ऐसा है कि इससे खून में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है, जिससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
विदेशी डाॅक्टर
बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सकों को यह ध्यान देना चाहिए कि उनके समक्ष आने वाले पैंतीस वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों का ब्लडप्रेशर क्या है और उनका शुगर लेवल क्या है। इसके बाद उन्हें अन्य उपचार के लिए दवाएं लिखनी चाहिए। अमेरिका के क्रिघटॉन यूनीवर्सिटी मेडिकल सेंटर के चीफ स्टाफ व डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरोलॉजी के चेयरमैन डा. संजय प्रताप सिंह ने कही।
विज्ञापन
3 of 5
कार्यशाला में मौजूद चिकित्सक
वे यहां डॉक्टरों को प्रशिक्षण दे रहे थे। डा.संजय प्रताप सिंह ने कहा कि अमेरिका हो या भारत शुगर व ब्लडप्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके दुष्प्रभाव से हार्टअटैक, ब्रेन स्ट्रोक व रीनल फेलेवर व लीवर रोग होने की प्रबल संभावनाएं रहती हैं। डा.ममता भूषण ने कहा कि मिर्गी न असाध्य रोग है और न ही छुआछूत की बीमारी है। दौरा पड़ने की स्थिति में मरीज के साथ कोई जोरजबरदस्ती न करें।
4 of 5
डेमाे पिक
इतना जरूर ध्यान देना चाहिए उसके आसपास कोई कांच का बर्तन, धातू का बर्तन न हो जिससे दौरे की स्थिति में मरीज चुटहिल हो सके। बेहतर हो कि उसे दाहिनी करवट लिटा दें ताकि मुंह से निकलने वाला झाग उसकी श्वास नली में न जा सके। इंग्लैंड से आए डा. सौरभ राय ने कहा कि नियमित रूप से सभी को आधे घंटे तक व्यायाम करना चाहिए।
साथ ही हर तिमाही ब्लडप्रेशर व खून की जांच मरीजों को कराते रहना चाहिए। डा.महेश भूषण कार्डियोलाजिस्ट ने कहा कि नमक का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। डा. कविश रोहतगी ने कहा कि 80 व 120 से 130 तक ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखना चाहिए। ताकि शरीर का हर अंग सही सलामत रहे।